Advertisements
Advertisements
Question
चित्र को देखिए तथा निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- परखनली B में लिए गए कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में आप क्या परिवर्तन देखते हैं?
- परखनली A तथा B में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाएँ दीजिए।
- यदि एथेनोइक अम्ल के स्थान पर एथेनॉल लिया जाए तो आप किस प्रकार के परिवर्तन की अपेक्षा करते हैं?
- प्रयोगशाला में चूने का पानी किस प्रकार बनाया जा सकता है?

Answer in Brief
Advertisements
Solution
- परखनली B में लिया गया कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड घोल कैल्शियम कार्बोनेट बनने के कारण दूधिया हो जाता है।
- परखनली A में, एथेनोइक अम्ल सोडियम कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करके सोडियम एसीटेट, जल, कार्बन डाइऑक्साइड देता है।
\[\ce{2CH2COOH + Na2CO3 -> 2CH3COONa + H2O + CO2}\]
परखनली B में, जब चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड प्रवाहित की जाती है, तो वह दूधिया हो जाता है।
\[\ce{Ca(OH)2 + CO2 -> CaCO3 + H2O}\] - यदि एथेनोइक अम्ल के स्थान पर एथेनॉल दिया जाए तो वही परिवर्तन अपेक्षित नहीं होगा क्योंकि एथेनॉल सोडियम कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया नहीं करता है।
- चूने का पानी पानी में बुझा चूना घोलकर प्राप्त किया जाता है। इस अभिक्रिया में अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है।
\[\ce{CaO + H2O -> Ca(OH)2 + \text{ऊष्मा}}\]
shaalaa.com
कार्बनिक यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म
Is there an error in this question or solution?
