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Question
दो पूर्ण संख्याओं का योगफल उनके गुणनफल से सदैव कम होता है।
Options
सत्य
असत्य
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Solution
यह कथन असत्य है।
स्पष्टीकरण -
आइए इसे उदाहरण के जरिए समझते हैं।
1 + 2 = 3 और 1 × 2 = 2। यहाँ, योग (3) > गुणनफल (2)
हम कह सकते हैं कि दो पूर्ण संख्याओं का योग हमेशा उनके गुणनफल से कम नहीं होता।
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शून्य सबसे छोटी पूर्ण संख्या है।
सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ हैं।
पूर्ण संख्या 13, संख्याओ 11 और 12 के बीच मे स्थित है।
58 तथा 80 के बीच सम संख्याओं की संख्या है –
एक ऐसी भी पूर्ण संख्या है जिसे किसी पूर्ण संख्या में योग करने पर वही संख्या प्राप्त होती है।
यदि किसी पूर्ण संख्या को उससे बड़ी पूर्ण संख्या से भाग किया जाता है तब भागफल शून्य नहीं आता।
किसी शून्येतर पूर्ण संख्या को उसी से भाग करने पर भागफल 1 प्राप्त होता है।
यह आवश्यक नहीं कि दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल भी एक पूर्ण संख्या ही हो।
किसी संख्या का गुणज, उसके बराबर अथवा उससे बड़ा होता है।
दो या अधिक संख्याओं का म. स. उनके ल. स. से बड़ा होता है।
यदि दो विभिन्न पूर्ण संख्याओं का योगफल विषम है तब उनका अंतर भी विषम ही होगा।
कोई दो क्रमिक संख्याएँ, सहअभाज्य होती हैं।
दो संख्याओं का म. स. उनमें से छोटी संख्या से कम होगा।
किसी भी अभाज्य संख्या के गुणनखंडों की संख्या _____ है।
कोई भी संख्या जिसके सभी गुणनखंडों का योग उसके दोगुने के बराबर होता है ______ कहलाती है।
संख्याएँ जिनके दो से ज्यादा गुणनखंड हो सकते हैं ____ कहलाती है।
प्रत्येक धनात्मक पूर्णाक 0 से बड़ा होता है।
सबसे छोटा पूर्णांक 0 है।
