Advertisements
Advertisements
प्रश्न
दो पूर्ण संख्याओं का योगफल उनके गुणनफल से सदैव कम होता है।
विकल्प
सत्य
असत्य
Advertisements
उत्तर
यह कथन असत्य है।
स्पष्टीकरण -
आइए इसे उदाहरण के जरिए समझते हैं।
1 + 2 = 3 और 1 × 2 = 2। यहाँ, योग (3) > गुणनफल (2)
हम कह सकते हैं कि दो पूर्ण संख्याओं का योग हमेशा उनके गुणनफल से कम नहीं होता।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
शून्य सबसे छोटी प्राकृत संख्या है।
सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ हैं।
एक पूर्ण संख्या 25 में जोड़ी जाती है तथा वही संख्या फिर 25 से घटाई जाती है। इस प्रकार प्राप्त दोनों संख्याओं का योग होगा –
यदि किसी पूर्ण संख्या को उससे बड़ी पूर्ण संख्या से भाग किया जाता है तब भागफल शून्य नहीं आता।
किसी शून्येतर पूर्ण संख्या को उसी से भाग करने पर भागफल 1 प्राप्त होता है।
किसी संख्या का गुणज, उसके बराबर अथवा उससे बड़ा होता है।
दो या अधिक संख्याओं का ल. स. उनके म. स. से विभाज्य होता है।
दो या अधिक संख्याओं का ल. स. उनमें से किसी एक के बराबर हो सकता है।
प्रत्येक पूर्ण संख्या, किसी अन्य पूर्ण संख्या की परवर्ती होती है।
कोई दो क्रमिक संख्याएँ, सहअभाज्य होती हैं।
दो संख्याओं का म. स. उनमें से बड़ी संख्या से अधिक होगा।
दो सहअभाज्य संख्याओं का ल. स. उनके गुणनफल के बराबर होता है।
यदि शून्य को किसी पूर्ण संख्या से घटाया जाता है तो उत्तर में ______ प्राप्त होती है।
किसी भी अभाज्य संख्या के गुणनखंडों की संख्या _____ है।
कोई भी संख्या जिसके सभी गुणनखंडों का योग उसके दोगुने के बराबर होता है ______ कहलाती है।
संख्याएँ जिनके दो से ज्यादा गुणनखंड हो सकते हैं ____ कहलाती है।
–5 और 5 के बीच स्थित पूर्ण संख्याओं की संख्या है –
पूर्णांक 1 का परवर्ती 0 है।
सबसे छोटा पूर्णांक 0 है।
अंक 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 को इसी क्रम में लिखिए तथा इनके बीच में ‘+’ या ‘–’ इस तरह रखिए कि परिणाम 3 प्राप्त हो।
