English

CO2 के P - T प्रावस्था आरेख पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए- 10 atm दाब तथा -65°C ताप पर किसी दिए गए द्रव्यमान की ठोस CO2 को दाब नियत रखकर कक्ष ताप तक तप्त करते समय होने - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

CO2 के P - T प्रावस्था आरेख पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-

10 atm दाब तथा -65°C ताप पर किसी दिए गए द्रव्यमान की ठोस CO2 को दाब नियत रखकर कक्ष ताप तक तप्त करते समय होने वाले गुणात्मक परिवर्तनों का वर्णन कीजिए।

One Line Answer
Advertisements

Solution

जब ठोस CO2 जिसका ताप -65°C होता है गर्म किया जाता है। 10 atm के दबाव पर तब वह द्रव अवस्था में बदल जाता है। तापमान में थोड़ा और उच्च बदलाव लाने से द्रव अवस्था वाला CO2 वाष्प अवस्था में बदल जाता है।

shaalaa.com
अवस्था परिवर्तन - गुप्त ऊष्मा
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

2.5 kg द्रव्यमान के ताँबे के गुटके को किसी भट्टी में 500°C तक तप्त करने के पश्चात् किसी बड़े हिम - ब्लॉक पर रख दिया जाता है। गलित हो सकने वाली हिम की अधिकतम मात्रा क्या है? ताँबे की विशिष्ट ऊष्मा धारिता = 0.39 J g-1 K-1; बर्फ की संगलन ऊष्मा= 335 Jg-1


थर्मोकोल का बना ‘हिम बॉक्स' विशेषकर गर्मियों में कम मात्रा के पके भोजन के भंडारण का सस्ता तथा दक्ष साधन है। 30 cm भुजा के किसी हिम बॉक्स की मोटाई 5.0 cm है। यदि इस बॉक्स में 4.0 kg हिम रखा है तो 6h के पश्चात बचे हिम की मात्रा का आकलन कीजिए। बाहरी ताप 45°C है तथा थर्मोकोल की. ऊष्मा चालकता 0.01 Js-1m-1k-1 है। (हिम की संगलन ऊष्मा = 335 x 103Jkg-1)


किसी पीतल के बॉयलर की पेंदी का क्षेत्रफल 0.15 m2 तथा मोटाई 1.0 cm है। किसी गैस स्टोव पर रखने पर इसमें 6.0 kg/min की दर से जल उबलता है। बॉयलर के संपर्क की ज्वाला के भाग का ताप आकलित कीजिए। पीतल की ऊष्मा चालकता = 109 Js-1m-1K-1; जल की वाष्पन ऊष्मा = 2256 × 103 Jkg-1 है।


स्पष्ट कीजिए कि क्यों-

अधिक परावर्तकता वाले पिण्ड अल्प उत्सर्जक होते हैं।


CO2 के P - T प्रावस्था आरेख पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए-

किस ताप व दाब पर CO2 की ठोस, द्रव तथा वाष्प प्रावस्थाएँ साम्य में सहवर्ती हो सकती है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×