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अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात को दूर दराज के इलाकों तक पहुँचाने के लिए किन-किन माध्यमों का सहारा लेता था?

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Question

अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात को दूर दराज के इलाकों तक पहुँचाने के लिए किन-किन माध्यमों का सहारा लेता था?

One Line Answer
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Solution

अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात को दूर दराज़ इलाकों तक पहुँचाने के लिए कई तरीके अपनाए थे। उनमें चित्रों के जरिए अपने भाव व्यक्त करना था। जैसे-पशु, पक्षियों, व्यक्तियों के चित्र।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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Chapter 5: अक्षरों का महत्व - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi Vasant Part 1 Class 6
Chapter 5 अक्षरों का महत्व
अतिरिक्त प्रश्न | Q 14

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• हर चीज़ के निर्माण की एक कहानी होती है, जैसे मकान के निर्माण की कहानी-कुर्सी, गद्दे, रज़ाई के निर्माण की कहानी हो सकती है। इसी तरह वायुमान साइकिल अथवा अन्य किसी यंत्र के निर्माण की कहानी भी होती है। कल्पना करो यदि रसगुल्ला अपने निर्माण की कहानी सुनाने लगे कि वह पहले दूध था, उसे दूध से छेना बनाया गया, उसे गोल आकार दिया गया। चीनी की चाशनी में डालकर पकाया गया। फिर उसका नाम पड़ा रसगुल्ला।
• तुम भी किसी चीज के निर्माण की कहानी लिख सकते हो, इसके लिए तुम्हें अनुमान और कल्पना के साथ उस चीज़ के बारे में कुछ जानकारी भी एकत्र करनी होगी।


कान से न सुन पाने पर आस-पास की दुनिया कैसी लगती होगी? इस पर टिप्पणी लिखो और कक्षा में पढ़कर सुनाओ।


अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा।

  • अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा। ऊपर रेखांकित संज्ञाएँ क्रमशः किसी भाव और किसी की विशेषता के बारे में बता रही हैं। ऐसी संज्ञाएँ भाववाचक कहलाती हैं। गुण और भाव के अलावा भाववाचक संज्ञाओं का संबंध किसी की दशा और किसी कार्य से भी होता है। भाववाचक संज्ञा की पहचान यह है कि इससे जुड़े शब्दों को हम सिर्फ महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। आगे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़ो और समझो। इनमें से कुछ शब्द संज्ञा और क्रिया से बने हैं। उन्हें भी पहचानकर लिखो-

मिठास

भूख

शांति

भोलापन

बुढ़ापा

घबराहट

बहाव

फुर्ती

ताज़गी

क्रोध

मज़दूरी

अहसास

बहुविकल्पी प्रश्न

“लोकगीत’ पाठ के लेखक कौन हैं?


बहुविकल्पी प्रश्न

नौकर’ पाठ के लेखक कौन हैं?


पिसाई’ संज्ञा है। पीसना शब्द से ‘ना’ निकाल देने पर ‘पीस’ धातु रह जाती है। पीस धातु से ‘आई’ प्रत्यय जोड़ने पर ‘पिसाई’ शब्द बनता है। किसी-किसी क्रिया में प्रत्यय जोड़कर उसे संज्ञा बनाने के बाद उसके रूप में बदलाव आ जाता है; जैस-ढोना से ढुलाई, बोना से बुआई।
मूल शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाने वाले शब्दांश को प्रत्यय कहते हैं।
नीचे कुछ संज्ञाएँ दी गई हैं। बताओ ये किन क्रियाओं से बनी हैं?

  1. रोपाई ________
  2. कटाई ________
  3. सिंचाई _______
  4. सिलाई ________
  5. कताई _______
  6. रँगाई _______

नीचे पाठ से कुछ वाक्य दिए गए हैं-

  1. वहाँ बाँस की चीजें बनाने का चलन भी खूब है।
  2. हम यहाँ बाँस की एक-दो चीज़ों को ही जिक्र कर पाए हैं।
  3. मसलन आसन जैसी छोटी चीजें बनाने के लिए बाँस को हरेक गठान से काटा जाता है।
  4. खपच्चियों से तरह-तरह की टोपियाँ भी बनाई जाती हैं।
    रेखांकित शब्दों को ध्यान में रखते हुए इन बातों को अलग ढंग से लिखो।

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