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आज हज़ारों पुस्तकें और समाचार-पत्र छपने लगे हैं। यह कैसे संभव हुआ?

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Question

आज हज़ारों पुस्तकें और समाचार-पत्र छपने लगे हैं। यह कैसे संभव हुआ?

One Line Answer
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Solution

आज हजारों पुस्तकें, समाचार-पत्र और पत्रिकाएँ हमें उपलब्ध हैं। इसकी उपलब्धि अक्षर-खोज के कारण ही संभव हो पाया है। यदि अक्षर खोज न होता, तो आज हज़ारों पुस्तकें, समाचार-पत्र और पत्रिकाएँ छप नहीं पाते। इस स्थिति में मनुष्य मौखिक भाषा का ही प्रयोग करता रहता।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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Chapter 5: अक्षरों का महत्व - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi Vasant Part 1 Class 6
Chapter 5 अक्षरों का महत्व
अतिरिक्त प्रश्न | Q 13

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  2. मना करते हाथ
  3. समझाते हाथ
  4. बुलाते हाथ
  5. आरोप लगाते हाथ
  6. चेतावनी देते हाथ
  7. जोश दिखाते हाथ

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(ख) मोहन ने केला और संतरा नहीं खाया।
(ग) मोहन ने क्या खाया?
(घ) मोहन केला और संतरा खाओ।
उपर्युक्त वाक्यों में से पहला वाक्य एकांकी से लिया गया है। बाकी तीन वाक्य देखने में पहले वाक्य से मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ अलग-अलग हैं। पहला वाक्य किसी कार्य या बात के होने के बारे में बताता है। इसे विधिवाचक वाक्य कहते हैं। दूसरे वाक्य का संबंध उस कार्य के न होने से है, इसलिए उसे निषेधवाचक वाक्य कहते हैं। (निषेध का अर्थ नहीं या मनाही होता है।) तीसरे वाक्य में इसी बात को प्रश्न के रूप में पूछा जा रहा है, ऐसे वाक्य प्रश्नवाचक कहलाते हैं। चौथे वाक्य में मोहन से उसी कार्य को करने के लिए कहा जा रहा है। इसलिए उसे आदेशवाचक वाक्य कहते हैं। आगे एक वाक्य दिया गया है।
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