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कार्ड उठाते ही दरवाजा बंद हुआ।यह बात हम इस तरीके से भी कह सकते हैं जैसे ही कार्ड उठाया, दरवाज़ा बंद हो गया।ध्यान दो कि दोनों वाक्यों में क्या अंतर है। ऐसे वाक्यों के तीन जोड़े आप स्वयं सोचकर लिखो।

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Question

कार्ड उठाते ही दरवाजा बंद हुआ।
यह बात हम इस तरीके से भी कह सकते हैं जैसे ही कार्ड उठाया, दरवाज़ा बंद हो गया।
ध्यान दो कि दोनों वाक्यों में क्या अंतर है। ऐसे वाक्यों के तीन जोड़े आप स्वयं सोचकर लिखो।

Short/Brief Note
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Solution

(i) शिक्षक के आते ही, शोर बंद हो गया।
⇒ जैसे ही शिक्षक आए, शोर बंद हो गया।
(ii) चोर के जाते ही, पुलिस आई।
⇒ जैसे ही चोर गया, पुलिस आ गई।
(iii) घर पहुँचते ही, बिजली चली गई।
⇒ जैसे ही घर पहुँचा, बिजली चली गई।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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Chapter 6: पार नज़र के - भाषा की बात [Page 41]

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NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 6 पार नज़र के
भाषा की बात | Q 2 | Page 41

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रामायण के रचयिता कौन थे?


चश्मा लगाते समय डॉक्टर ने क्या भरोसा दिया था?


वैसे तो संख्याएँ संज्ञा होती हैं पर कभी-कभी ये विशेषण का काम भी करती हैं, जैसे नीचे लिखे वाक्य में।
• हमारी धरती लगभग पाँच अरब साल पुरानी है।
• कोई दस हज़ार साल पहले आदमी ने गाँवों को बसाना शुरू किया।
इन वाक्यों में रेखांकित अंश ‘साल’ संज्ञा के बारे में विशेष जानकारी दे रहे हैं, इसलिए संख्यावाचक विशेषण हैं। संख्यावाचक विशेषण का इस्तेमाल उन्हीं चीज़ों के लिए होता है जिन्हें गिना जा सके, जैसे-चार संतरे, पाँच बच्चे, तीन शहर आदि। पर यदि किसी चीज़ को गिना नहीं जा सकता तो उसके साथ संख्या वाले शब्दों के अलावा मापतोल आदि के शब्दों का इस्तेमाल भी किया जाता है
• तीन जग पानी
• एक किलो चीनी
यहाँ रेखांकित हिस्से परिमाणवाचक विशेषण हैं क्योंकि इनका संबंध मापतोल से है। अब आगे लिखे हुए को पढ़ो। खाली स्थानों में बाक्स में दिए गए मापतोल के उचित शब्द छाँटकर लिखो।

प्याला    कटोरी    एकड़   मीटर

लीटर    किलो    ट्रक    चम्मच

तीन

______

खीर

दो

______

ज़मीन

छह

______

कपड़ा

एक

______

रेत

दो

______

कॉफ़ी

 पाँच

______

बाजरा

एक

______

दूध

तीन

______

तेल


बहुविकल्पीय प्रश्न

अक्षरों की खोज का सिलसिला लगभग कब शुरू हुआ?


गीत में सीने और बाँहों को फ़ौलादी क्यों कहा गया है?


कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।

इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

  1. अपने को
  2. अपने से
  3. अपना
  4. अपने पर
  5. अपने लिए
  6. आपस में

छोटू और उसकी माँ के बीच क्या बात होती थी?


ज़मीन पर चलना कैसे संभव हो पाया?


डाक टिकटों के बारे में और जानना चाहते हो तो नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक ‘डाक टिकटों की कहानी पढ़ो।


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राजप्पा को अपने अलबम से चिढ़ क्यों हो गई थी?

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गांधी द्वारा भोजन परोसने के कारण आश्रमवासियों को क्या सहना पड़ता था?


बूढ़े बाँस की क्या पहचान है?


तुमने कपड़ों को सिलते हुए देखा होगा। नीचे इस काम से जुड़े हुए कुछ शब्द दिए गए हैं। आसपास के बड़ों से या दरजी से इन शब्दों के बारे में पूछो और इन शब्दों को कुछ वाक्यों में समझाओ।

  • तुरपाई
  • बखिया
  • कच्ची सिलाई
  • चोर सिलाई

बाँस के कई उपयोग इस पाठ में बताए गए हैं लेकिन बाँस के उपयोग का दायरा बहुत बड़ा है। नीचे दिए गए शब्दों की मदद से तुम इस दायरे को पहचान सकते हो-

  1. संगीत
  2. मच्छर
  3. फर्नीचर
  4. प्रकाशन
  5. एक नया संदर्भ

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