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Question
| प्राकृतिक संसाधन | दैनिक उपयोग की वस्तुएँ |
| चमड़ा | ________________ |
| घास के तिनके | ________________ |
| पेड़ की छाल | ________________ |
| गोबर | ________________ |
| मिट्टी | ________________ |
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Solution
| प्राकृतिक संसाधन | दैनिक उपयोग की वस्तुएँ |
| चमड़ा | जूता, बैग, पर्स, बेल्ट, जैकेट, बहुमूल्य वस्तुओं की कवर आदि। |
| घास के तिनके | चटाई, खिलौना, टोकरी इत्यादि। |
| पेड़ की छाल | कागज, अगरबत्ती, वस्त्र इत्यादि। |
| गोबर | उपले, घर की लिपाई-पुताई, खाद, इत्यादि। |
| मिट्टी | बरतन, मकान, खिलौना, गुल्लक, इत्यादि। |
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- अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा। ऊपर रेखांकित संज्ञाएँ क्रमशः किसी भाव और किसी की विशेषता के बारे में बता रही हैं। ऐसी संज्ञाएँ भाववाचक कहलाती हैं। गुण और भाव के अलावा भाववाचक संज्ञाओं का संबंध किसी की दशा और किसी कार्य से भी होता है। भाववाचक संज्ञा की पहचान यह है कि इससे जुड़े शब्दों को हम सिर्फ महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। आगे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़ो और समझो। इनमें से कुछ शब्द संज्ञा और क्रिया से बने हैं। उन्हें भी पहचानकर लिखो-
|
मिठास |
भूख |
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बुढ़ापा |
घबराहट |
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फुर्ती |
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मज़दूरी |
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