Advertisements
Advertisements
Question
अगर ऐसा कहा जाए - 'हमारा मुँह ही पचाना शुरू कर देता है' - तो तुम कैसे समझाओगे? लिखो।
Advertisements
Solution
हमारे मुँह से एक तरह की लार निकलती है। इस लार से मुँह में ही पाचन क्रिया शुरू हो जाती है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
खट्टी इमली का नाम सुनते ही झूलन के मुँह में पानी आ गया। तुम्हारे मुँह में कब-कब पानी आता है? अपनी पसंद की पाँच चीज़ों के नाम और उनके स्वाद लिखो।
क्या तुम्हारे घर पर किसी ने तुम्हें नाक बंद करके दवाई पीने को कहा है? वे ऐसा क्यों कहते होंगे?
चबाकर या चबा-चबाकर खाओ - दोनों में अंतर बताओ।
सब मिलकर कक्षा में यह गतिविधि करो। ब्रेड या रोटी का टुकड़ा या पके हुए चावल लो।
- पहले रोटी का टुकड़ा या कुछ चावल मुँह में डालो और तीन-चार बार चबाकर निगल जाओ।
- क्या चबाने से स्वाद में बदलाव आया?
- अब रोटी का टुकड़ा या कुछ चावल मुँह में डालो और 30-32 बार चबाओ।
- क्या देर तक चबाने से स्वाद में बदलाव आया?
जब तुम कोई सख्त चीज़ - जैसे अमरूद, खाते हो तो उसे मुँह में डालने से लेकर निगलने तक कौन-से बदलाव आते हैं और कैसे?
तुम भी इसी तरह कुछ खाने के स्वादों के लिए आवाज़ें निकालो।
अपने साथी से कहो कि वह तुम्हारे हाव-भाव देखकर अनुमान लगाए कि तुमने क्या खाया होगा।
सोचो, अगर तुम दो दिन तक कुछ भी न खाओ तो क्या होगा?
तुम्हें क्या लगता है, रश्मि पूरे दिन में एक ही रोटी क्यों खाती होगी?
सही खाने से तुम क्या समझते हो?
दादा-दादी से पूछो कि जब वे तुम्हारी उम्र के थे तब वे एक दिन में क्या-क्या काम करते थे? क्या खाते थे और कितना?
अब तुम अपना सोचो, तुम जो खाते हो और जो काम करते हो।
क्या आपके द्वारा की गई चीज़ें/बातें बड़ों जैसी हैं या उनसे अलग?
क्या तुम किसी ऐसे बच्चे को जानते हो जिसे दिनभर में खाने को कुछ नहीं मिलता? इसके क्या-क्या कारण हो सकते हैं?
