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अगर ऐसा कहा जाए - 'हमारा मुँह ही पचाना शुरू कर देता है' - तो तुम कैसे समझाओगे? लिखो।

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Question

अगर ऐसा कहा जाए - 'हमारा मुँह ही पचाना शुरू कर देता है' - तो तुम कैसे समझाओगे? लिखो।

One Line Answer
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Solution

हमारे मुँह से एक तरह की लार निकलती है। इस लार से मुँह में ही पाचन क्रिया शुरू हो जाती है।

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चखने से पचने तक
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Chapter 3: चखने से पचने तक - हम क्या समझे [Page 34]

APPEARS IN

NCERT Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
Chapter 3 चखने से पचने तक
हम क्या समझे | Q 2 | Page 34

RELATED QUESTIONS

अलग-अलग स्वाद की कुछ चीज़ें इकट्ठी करो और अपने साथी के साथ झूलन और झुम्पा की तरह खेल खेलो। अपने साथी को चीज़ें चखाओ और पूछो - 

तुम्हें जीभ के कौन-से हिस्से में कौन-सा स्वाद ज़्यादा पता चला? अपने अनुभव के आधार पर चित्र में लिखो।


अलग-अलग स्वाद की कुछ चीज़ें इकट्ठी करो और अपने साथी के साथ झूलन और झुम्पा की तरह खेल खेलो। अपने साथी को चीज़ें चखाओ और पूछो - 

कुछ खाने की चीज़ों को मुँह के किसी और हिस्से पर रखो-होंठ, तालू, जीभ के नीचे। क्या कहीं और भी स्वाद का पता चला?


शीशे के सामने खड़े होकर अपनी जीभ की सतह को ध्यान से देखो। कैसी दिखती है? क्या जीभ पर कुछ दाने-दाने जैसे दिखते हैं?


चबाकर या चबा-चबाकर खाओ - दोनों में अंतर बताओ।

सब मिलकर कक्षा में यह गतिविधि करो। ब्रेड या रोटी का टुकड़ा या पके हुए चावल लो।

  • पहले रोटी का टुकड़ा या कुछ चावल मुँह में डालो और तीन-चार बार चबाकर निगल जाओ।
  • क्या चबाने से स्वाद में बदलाव आया?
  • अब रोटी का टुकड़ा या कुछ चावल मुँह में डालो और 30-32 बार चबाओ।
  • क्या देर तक चबाने से स्वाद में बदलाव आया?

सोचो, हमारे मुँह में लार क्या-क्या काम करती होगी?


स्वाद बताने के लिए कुछ शब्द ढूँढ़ो और खुद से सोचकर बनाओ।

कुछ चीज़ों चखने के बाद झुम्पा बोली 'सी-सी-सी'।

सोचो, उसने क्या खाया होगा?


तुम्हें क्या लगता है, शरीर में खाना कहाँ-कहाँ जाता होगा? दिए गए चित्र में खाना जाने का रास्ता अपने मन से बनाओ। अपने साथी का चित्र भी देखो। क्या तुम्हारा चित्र और साथी का चित्र एक जैसा है या अलग?


तुम्हें याद होगा कि तुमने चौथी कक्षा में नमक-चीनी का घोल बनाया था। नीतू के पिताजी ने भी उसे यही घोल दिया। सोचो, उल्टी-दस्त होने पर यह घोल क्यों देते होंगे?


क्या कैलाश को खेल-कूद में दिलचस्पी होगी?


'सही खाना' न मिले तो बच्चों को क्या-क्या परेशानी हो सकती है?


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