Advertisements
Advertisements
Question
अभिकथन - जब ECell = 0 होता है तो विद्युत् धारा प्रवाहित होनी बन्द हो जाती है।
तर्क - सेल अभिक्रिया का साम्य स्थापित हो जाता है।
Options
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन कों सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
Advertisements
Solution
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन कों सही स्पष्टीकरण है।
स्पष्टीकरण -
संतुलन पर Ecell = 0 और कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
चालकता सेल का सेल स्थिरांक ______.
चालकता κ, बराबर है ______ के।
(i) `1/"R", l/"A"`
(ii) `("G"*)/"R"`
(iii) ∧m
(iv) `l/"A"`
आयनिक विलयन की मोलर चालकता ______ निर्भर करती है।
- ताप पर
- इलेक्ट्रोडों के मध्य की दूरी पर
- विलयन में विद्युत् अपघट्यों की सांद्रता पर
- इलेक्ट्रोडों के पृष्ठीय क्षेत्रफल पर
किसी विद्युत् अपघटनी विलयन के प्रतिरोध के मापन में प्रत्यावर्ती धारा का प्रयोग क्यों किया जाता है?
दो विद्युत् अपघट्यों 'A' और 'B' के विलयनों को तनुकृत किया जाता है। 'B' का Λm1.5 गुना बढ़ता है जबकि A का Λm25 गुना बढ़ता है। इन दोनों में से कौन-सा प्रबल विद्युत् अपघट्य है? अपने उत्तर का औचित्य समझाइए।
कॉलम I तथा कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) Λm | (a) मात्राविहीन गुण |
| (ii) `"E"_"cell"^⊖` | (b) आयनों की संख्या/आयतन पर निर्भर |
| (iii) κ | (c) विस्तीर्ण गुण |
| (iv) ΔrG | (d) तनुता के साथ बढ़ता है |
अभिकथन - तनुता बढ़ाने पर सभी विद्युत् अपघट्यों की चालकता घटती है।
तर्क - तनुता बढ्डाने से प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या घटती है।
अभिकथन - NaCl विलयन का विद्युत् अपघटन O2 के बजाए ऐनोड पर क्लोरीन देता है।
तर्क - ऐनोड पर ऑक्सीजन बनने के लिए अधिवोल्टता चाहिए।
अभिकथन - आयनिक विलयन का प्रतिरोध मापने के लिए प्रत्यावर्ती धारा को स्नोत के रूप में काम में लेते हैं।
तर्क - यदि दिष्टधारा को स्तोत के रूप में काम में लेते हैं तो आयनिक विलयन की सांद्रता परिवर्तित हो जाती है।
अभिकथन - कॉपर सल्फ़ेट को ज़ंक पात्र में रखा जा सकता है।
तर्क - कॉपर की तुलना में जिंक कम सक्रिय होता है।
