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अभिकथन - आयनिक विलयन का प्रतिरोध मापने के लिए प्रत्यावर्ती धारा को स्नोत के रूप में काम में लेते हैं। तर्क - यदि दिष्टधारा को स्तोत के रूप में काम में लेते हैं।

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Question

अभिकथन - आयनिक विलयन का प्रतिरोध मापने के लिए प्रत्यावर्ती धारा को स्नोत के रूप में काम में लेते हैं।

तर्क - यदि दिष्टधारा को स्तोत के रूप में काम में लेते हैं तो आयनिक विलयन की सांद्रता परिवर्तित हो जाती है।

Options

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन कों सही स्पष्टीकरण है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।

  • अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।

  • अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।

MCQ
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Solution

अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन कों सही स्पष्टीकरण है।

स्पष्टीकरण -

जब एक DC स्रोत का उपयोग किया जाता है, तो आयनिक विलयन की सांद्रता ऊर्जा के स्रोत के रूप में बदल जाती है। वहीं दूसरी ओर AC करंट के उपयोग से सांद्रता में कोई बदलाव नहीं आता है। इसलिए प्रतिरोधों को मापने के लिए AC स्रोत का उपयोग किया जाता है।

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वैद्युत अपघटनी विलयनों का चालकत्व
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Chapter 3: विद्युत् रसायन - अभ्यास [Page 44]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 3 विद्युत् रसायन
अभ्यास | Q V. 62. | Page 44

RELATED QUESTIONS

`∧_("m"("NH"_4"OH"))^0` ______ के बराबर होगा।


प्लेटिनम इलेक्ट्रोड की उपस्थिति में CuSO4 के जलीय विलयन का विद्युत् अपघटन करने पर क्या होगा? 

(i) कैथोड पर कॉपर निक्षपित होगा।

(ii) ऐनोड पर कॉपर निक्षिपित होगा।

(iii) ऐनोड पर ऑक्सीजन निकलेगी।

(iv) ऐनोड पर कॉपर घुलेगा।


चालकता κ, बराबर है ______ के।

(i) `1/"R", l/"A"`

(ii) `("G"*)/"R"`

(iii) ∧m

(iv) `l/"A"`


आयनिक विलयन की मोलर चालकता ______ निर्भर करती है।

  1. ताप पर
  2. इलेक्ट्रोडों के मध्य की दूरी पर
  3. विलयन में विद्युत् अपघट्यों की सांद्रता पर
  4. इलेक्ट्रोडों के पृष्ठीय क्षेत्रफल पर

किसी विद्युत् अपघटनी विलयन के प्रतिरोध के मापन में प्रत्यावर्ती धारा का प्रयोग क्यों किया जाता है?


दो विद्युत् अपघट्यों 'A' और 'B' के विलयनों को तनुकृत किया जाता है। 'B' का Λm1.5 गुना बढ़ता है जबकि A का Λm25 गुना बढ़ता है। इन दोनों में से कौन-सा प्रबल विद्युत् अपघट्य है? अपने उत्तर का औचित्य समझाइए। 


डिस्चार्ज होते समय सीसा संचायक सेल में होने वाली अभिक्रिया लिखिए। जब बैटरी डिस्चार्ज होती है तो विद्युत् अपघट्य का घनत्व किस प्रकार प्रभावित होता है?


तनुता बढ़ाने पर CH3COOH के Λm का मान तेजी से क्यों बढ़ता है जबकि CH3COONa का Λm मान धीरे-धीरे से बढุता है?


अभिकथन - विद्युत् अपघट्य विलयन को तनुकृत करने पर दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के Λm के मान में तीव्र वुद्ध होती है।

तर्क - दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के विलयन की तनुता बढाने से उनके वियोजन की मात्रा बढ़ती है।


चित्र के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए।

यदि सेल 'A' का Eसेल = 0.5 V तथा सेल 'B' का Eसेल = 1.1 V हो तो ऐनोड व कैथोड पर क्या अभिक्रियाएँ होगी?


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