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प्रश्न
अभिकथन - आयनिक विलयन का प्रतिरोध मापने के लिए प्रत्यावर्ती धारा को स्नोत के रूप में काम में लेते हैं।
तर्क - यदि दिष्टधारा को स्तोत के रूप में काम में लेते हैं तो आयनिक विलयन की सांद्रता परिवर्तित हो जाती है।
पर्याय
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन कों सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
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उत्तर
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन कों सही स्पष्टीकरण है।
स्पष्टीकरण -
जब एक DC स्रोत का उपयोग किया जाता है, तो आयनिक विलयन की सांद्रता ऊर्जा के स्रोत के रूप में बदल जाती है। वहीं दूसरी ओर AC करंट के उपयोग से सांद्रता में कोई बदलाव नहीं आता है। इसलिए प्रतिरोधों को मापने के लिए AC स्रोत का उपयोग किया जाता है।
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