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Question
अभिकथन - विद्युत् अपघट्य विलयन को तनुकृत करने पर दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के Λm के मान में तीव्र वुद्ध होती है।
तर्क - दुर्बल विद्युत् अपघट्यों के विलयन की तनुता बढाने से उनके वियोजन की मात्रा बढ़ती है।
Options
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन कों सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
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Solution
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन कों सही स्पष्टीकरण है।
स्पष्टीकरण -
वील विद्युत-अपघट्य की मोलर चालकता तनुता बढ़ने के साथ बढ़ती है क्योंकि जब हम तनुता की मात्रा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त जल डालते हैं तो पृथक्करण की डिग्री बढ़ जाती है इसलिए विलयन में आयनों की संख्या बढ़ जाती है। इस प्रकार दुर्बल विद्युत-अपघट्य की मोलर चालकता बढ़ जाती है।
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(i) कैथोड पर कॉपर निक्षपित होगा।
(ii) ऐनोड पर कॉपर निक्षिपित होगा।
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(iv) ऐनोड पर कॉपर घुलेगा।
चालकता κ, बराबर है ______ के।
(i) `1/"R", l/"A"`
(ii) `("G"*)/"R"`
(iii) ∧m
(iv) `l/"A"`
आयनिक विलयन की मोलर चालकता ______ निर्भर करती है।
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निम्नलिखित आँकडों के आधार पर कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
`"E"_("F"_2//"F"^-)^⊖` = 2.87 V, `"E"_("Li"^+//"Li")^⊖` = - 3.5 V, `"E"_("Au"^(3+)//"Au")^⊖` = 1.4 V, `"E"_("Br"^2//"Br"^-)` = 1.09 V
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) F2 | (a) धातु प्रबलतम अपचायक है |
| (ii) Li | (b) धातु आयन जो दुर्बलतम ऑक्सीकरण कर्मक है |
| (iii) Au3+ | (c) अधातु जो कि उत्तम ऑक्सीकरण कर्मक है |
| (iv) Br- | (d) अक्रिय धातु |
| (v) Au | (e) ऋणायन जो कि Au3+ द्वारा ऑक्सीकृत किया जा |
| (vi) Li+ | (f) ऋणायन जो दुर्बलतम अपचयन कर्मक है |
| (vii) F- | (g) धातु आयन जो कि ऑक्सीकरण कर्मक है |
अभिकथन - तनुता बढ़ाने पर सभी विद्युत् अपघट्यों की चालकता घटती है।
तर्क - तनुता बढ्डाने से प्रति इकाई आयतन में आयनों की संख्या घटती है।
अभिकथन - कॉपर सल्फ़ेट को ज़ंक पात्र में रखा जा सकता है।
तर्क - कॉपर की तुलना में जिंक कम सक्रिय होता है।
