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Question
आप अनन्य/अनन्या हैं। विभिन्न उत्सवों में भोजन की बर्बादी पर अपने विचारों से लोगों को जागरूक करने के लिए किसी हिंदी समाचार-पत्र के संपादक के नाम लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए।
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Solution
परीक्षा भवन
मेरठ
संपादक महोदय,
नवभारत टाइम्स,
मुम्बई
दिनांक - २० मार्च २०२१
विषय - भोजन की बर्बादी को रोकने के संदर्भ में।
मान्यवर,
मैं आपके प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के माध्यम से जनता, अधिकारियों तथा सरकार का ध्यान विभिन्न उत्सवों में भोजन की बर्बादी पर ध्यान दिलाने की ओर आकर्षित करना चाहती हूँ। आशा है कि आप मेरे पत्र को अपने प्रतिष्ठित समाचार पत्र में प्रकाशित करेंगे। जिससे कि लोगों में जागरूकता आ सके। आज के युग में लोग उत्सवों व शादियों में दिखावे के लिए तरह-तरह के व्यंजन बनवाते है, क्योंकि वे अपनी झूठी शान के लिए ही ऐसा करते हैं। शादियों में आए लोग खाना बहुत ही बर्बाद करते हैं। लोग उत्सवों में कम-से-कम लोगों को निमंत्रण देकर खाना बचा सकते हैं। उत्सवों में जो भी खाना बचता है, उसे अनाथालय तथा भिखारियों को भिजवा देना चाहिए। जिससे कि उनकी उदयपूर्ति हो सकें।
महोदय, आपसे विनम्र निवेदन है कि आप स्वयं अपने स्तर पर इस कार्य के प्रति मेरा सहयोग दें ताकि हमारे समाज में फैली ऐसी समस्याओं का निवारण किया जा सके।
धन्यवाद।
प्रार्थी
अनन्या
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RELATED QUESTIONS
सूचना:– आवश्यकतानुसार परिच्छेद में लेखन अपेक्षित है।
सूचनाओंके अनुसार लेखन कीजिए: (05)
1. पत्रलेखन:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
राधेय/राधा चौगुले, रामेश्वरनगर, वर्धा से दोहा प्रतियोगिता में प्रथम क्रमांक प्राप्त करने के कारण अभिनंदन करते हुए अपने मित्र/सहेली किशोर/किशोरी पाटील, स्टेशन रोड, जालना को पत्र लिखता/लिखती है।
अथवा
अशोक/आशा मगदुम, लक्ष्मीनगर, नागपुर से व्यवस्थापक, कौस्तुभ पुस्तक भंडार, सदर बाजार, नागपुर को प्राप्त पुस्तकों संबंधी शिकायत करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
2. निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों: (04)
स्वाधीन भारत में अभी तक अंग्रेजी हवाओंमें कुछ लोग यह कहते मिलेंगे – जब तक विज्ञान और तकनीकी ग्रंथ हिंदी में न हो तब तक कैसे हिंदी में शिक्षा दी जाए। जब कि स्वामी श्रद्धानंद स्वाधीनता से भी चालीस साल पहले गुरुकुल काँगड़ी में हिंदी के माध्यम से विज्ञान जैसे गहन विषयों की शिक्षा दे रहे थे। ग्रंथ भी हिंदी में थे और पढ़ाने वाले भी हिंदी के थे। जहाँ चाह होती है वहीं राह निकलती है। एक लंबे अरसे तक अंग्रेज गुरुकुल काँगड़ी को भी राष्ट्रीय आंदोलन का अभिन्न अंग मानते रहे। इसमें कोई संदेह भी नहीं कि गुरुकुल के स्नातकों में स्वाधीनता की अजीब तड़प थी। स्वामी श्रद्धानंद जैसा राष्ट्रीय नेता जिस गुरुकुल का संस्थापक हो और हिंदी शिक्षा का माध्यम हो; वहीं राष्ट्रीयता नहीं पनपेगी तो कहाँ पनपेगी। स्वामी जी से मिलने देश के प्रमुख राष्ट्रीय नेता भी गुरुकुल आते रहते थे।
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
उमा/उमेश, 205, नेहरू मार्ग, पुणे से ‘नंदनवन कॉलोनी’ सातारा में रहने वाले छोटे भाई मंगेश को राज्यस्तरीय निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने के उपलक्ष्य में बधाई देते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्र-लेखन कीजिए:
अर्चित/अर्चिता भोसले, 54 शांतिनगर, नासिक से अपने परिसर के उद्यान की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, आयुक्त, महानगर परिषद, नासिक को पत्र लिखता/लिखती है।
आप श्रेयस राजपूत/श्रेयसी सिंह हैं। आप छात्रावास में रहते हैं। आपको पिता जी से पता चला है कि आपकी माता जी पूरे परिवार का तो ध्यान रखती हैं, किंतु अपने स्वास्थ्य की अक्सर अनदेखी करती हैं। माता जी को समझाते हुए लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए।

निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
'नीरज/नीरजा चौबे, सतयाग्रह कालोनी, गांधीनगर, बोरीवली, मुंबई, 400068 से पत्र लिखकर सुहास बुक डिपो, बुधवार पेठ, पुणे के 'व्यवस्थापक से पुस्तकों की माँग करता है/करती है।
आपका नाम सना/सोहम है और आपने बीते दो वर्षों में ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई की है। अपने मित्र को इस अनुभव की अच्छाइयों और सीमाओं से अवगत कराते हुए लगभग 120 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
आप नमिता/नमन हैं। फुटबॉल प्रशिक्षण (कोचिंग) की विद्यालय में व्यवस्था करवाने के लिए प्रधानाचार्य को लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए।
आप आराधना/निमित हैं। विद्यालय में क्रिकेट प्रशिक्षण (कोचिंग) की व्यवस्था करने के लिए प्रधानाचार्या को लगभग 120 शब्दों में निवेदन-पत्र लिखिए।
निम्नलिखित जानकारी पर आधारित पत्र लेखन कीजिए-

निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए।
सुनिल/समिक्षा जोशी, विवेकानंद छात्रावास, जालना से अपने छोटे भाई सुमित जोशी, 6/36 जोशी मार्ग, इंदौर, मध्य प्रदेश को “योग का महत्त्व” समझाते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
आपका नाम सुनीता/सुरेश है। आप राजेन्द्र नगर के निवासी हैं। दैनिक समाचार पत्र से पता चला है कि स्थानीय राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पुस्तकालय अध्यक्ष का पद रिक्त है। आप उक्त पद की योग्यता (बी. लिब./पुस्तकालय विज्ञान में स्नातक) को धारण करते हैं। उक्त रिक्त पद हेतु राजकीय माध्यमिक विद्यालय के विद्यालय प्रमुख को आवेदन भेजने हेतु लगभग 80 शब्दों में अपना एक संक्षिप्त स्ववृत्त लिखिए।
आप शौर्य शर्मा/शारवी शर्मा हैं। नवभारत टाइम्स के संपादक को पत्र लिखिए जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के सुझाव हों।
(शब्द-सीमा - लगभग 100 शब्द)
आपका नाम मुदित/मुदिता है प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रवेश हेतु प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक दृष्टि से कमज़ोर, प्रतिभाशाली छात्रों के लिए निःशुल्क शिक्षण की जो व्यवस्था की गई है, उसकी सराहना करते हुए किसी दैनिक हिन्दी समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
आप अर्णव/अरनी हैं और क.ख.ग. नगर के/की निवासी हैं। आपके क्षेत्र के बाज़ारों में प्रतिबंधित होने के बावजूद प्लास्टिक थैलियों का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। इस समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए नगर निगम अधिकारी को लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
कार्यालयीन पत्राचार के विविध क्षेत्र:
बैंक
कार्यालयीन पत्राचार के विविध क्षेत्र:
दूरसंचार
व्यावसायिक पत्राचार के विविध क्षेत्र:
शिकायती पत्र - दोषपूर्ण सामग्री/ चीजें/ पुस्तकें/ पत्रिका आदि प्राप्त होने के कारण पत्रलेखन ।
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
अनिकेत/अनिशा सोनावणे, गांधी मार्ग, सांगली से मा. व्यवस्थापक, मीरा स्पोर्ट्स, आझाद चौक, सातारा को क्रिकेट खेल सामग्री की माँग करने हेतु पत्र लिखता/लिखती है।
