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8 kg तथा 12 kg के दो पिण्डों को किसी हल्की अवितान्य डोरी, जो घर्षणरहित घिरनी पर चढ़ी है, के दो सिरों से बाँधा गया है। पिण्डों को मुक्त रूप से छोड़ने पर उनके त्वरण तथा डोरी में तना - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

8 kg तथा 12 kg के दो पिण्डों को किसी हल्की अवितान्य डोरी, जो घर्षणरहित घिरनी पर चढ़ी है, के दो सिरों से बाँधा गया है। पिण्डों को मुक्त रूप से छोड़ने पर उनके त्वरण तथा डोरी में तनाव ज्ञात कीजिए।

Numerical
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Solution

माना पिण्डों को मुक्त छोड़ने पर भारी पिण्ड a त्वरण से

नीचे की ओर उतरता है। चूंकि डोरी अवितान्य है;

अत: हल्का पिण्ड त्वरण से ऊपर की ओर चढ़ेगा।

माना डोरी में तनाव T है, जो कि पूरी डोरी में एकसमान होगा।

भारी अर्थात् 12 kg के पिण्ड पर नेट बल F = 12g – T नीचे की ओर कार्य करेगा।

अतः गति के द्वितीय नियम से, F = ma

अर्थात 12g - T = 12a    ...(1)

∵ 8 kg का पिण्ड ऊपर की ओर चढ़ रहा है; अतः इसकी गति का समीकरण

T - 8g = 8a

समीकरण (1) व (2) को जोड़ने पर,

12g - 8g = 20a

4g = 20a

पिण्डो का त्वरण `"a" = (4"g")/20 = (4  "kg" xx 10  "m""s"^-2)/(20  "kg") = 2.0  "m" "s"^-2`

समीकरण (2) में त्वरण a का मान रखने पर,

T - 8g = 8 × 2.0

अतः डोरी का तनाव T = 8g + 8 × 2.0

= 8 kg × (10 + 2.0) m s-2 = 96.0 N

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न्यूटन के गति संबंधी नियम - न्यूटन का गति का द्वितीय नियम
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Chapter 4: गति के नियम - अभ्यास [Page 71]

APPEARS IN

NCERT Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 4 गति के नियम
अभ्यास | Q 4.16 | Page 71

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उत्तर की ओर 10 ms-1 की एकसमान आरंभिक चाल से गतिमान 0.40 kg संहति के किसी पिण्ड पर दक्षिण दिशा के अनुदिश 8.0 N का स्थायी बल 30 s के लिए आरोपित किया गया है। जिस क्षण बल आरोपित किया गया उसे t = 0 तथा उस समय पिण्ड की स्थिति x = 0 लीजिए। t = – 5 s, 25 s, 100 s पर इस कण की स्थिति क्या होगी?


किसी व्यक्ति की संहति 70 kg है। वह एक गतिमान लिफ्ट में तुला पर खड़ा है जो –

  1. 10 ms-1 की एकसमान चाल से ऊपर जा रही है,
  2. 5 ms-2 के एकसमान त्वरण से नीचे जा रही है,
  3. 5 ms-2 के एकसमान त्वरण से ऊपर जा रही है, तो प्रत्येक प्रकरण में तुला के पैमाने का पाठ्यांक क्या होगा?
  4. यदि लिफ्ट की मशीन में खराबी आ जाए और वह गुरुत्वीय प्रभाव में मुक्त रूप से नीचे गिरे तो पाठ्यांक क्या होगा?

20000 kg उत्थापन संहति के किसी रॉकेट में 5 ms-2 के आरंभिक त्वरण के साथ ऊपर की ओर स्फोट किया जाता है। स्फोट का आरंभिक प्रणोद (बल) परिकलित कीजिए।


कोई बल्लेबाज किसी गेंद को 45° के कोण पर विक्षेपित कर देता है। ऐसा करने में वह गेंद की आरंभिक चाल, जो 54 km/h-1 है, में कोई परिवर्तन नहीं करता। गेंद को कितना आवेग दिया जाता है? (गेंद की संहति 0.15 kg है)


स्पष्ट कीजिए कि क्यों :

क्रिकेट का खिलाड़ी गेंद को लपकते समय अपने हाथ गेंद के साथ पीछे को खींचता है।


15 ms-1 चाल से क्षैतिजतः प्रवाहित कोई जलधारा 10 -2 मी 2 अनुप्रस्थ काट की किसी नली से बाहर निकलती है तथा समीप की किसी ऊर्ध्वाधर दीवार से टकराती है। जल की टक्कर द्वारा, यह मानते हुए कि जलधारा टकराने पर वापस नहीं लौटती, दीवार पर आरोपित बल ज्ञात कीजिए।


कोई वायुयान अपने पंखों को क्षैतिज से 15° के झुकाव पर रखते हुए 720 kmh-1 की चाल से एक क्षैतिज लूप पूरा करता है। लूप की त्रिज्या क्या है?


40 kg संहति का कोई बंदर 600 N का अधिकतम तनाव सह सकने योग्य किसी रस्सी पर चढता है। नीचे दी गई स्थितियों में से किसमें रस्सी टूट जाएगी –

  1. बंदर 6 ms -2 त्वरण से ऊपर चढ़ता है,
  2. बंदर 4ms -2 त्वरण से नीचे उतरता है,
  3. बंदर 5 ms -2 की एकसमान चाल से ऊपर चढ़ता है,
  4. बंदर लगभग मुक्त रूप से गुरुत्व बल के प्रभाव में रस्सी से गिरता है। (रस्सी की संहति उपेक्षणीय मानिए)

15 kg संहति का कोई गुटका किसी लंबी ट्रॉली पर रखा है। गुटके तथा ट्रॉली के बीच स्थैतिक घर्षण गुणांक 0.18 है। ट्रॉली विरामावस्था से 20 s तक 0.5 ms-2 के त्वरण से त्वरित होकर एकसमान वेग से गति करने लगती है-

  1. धरती पर स्थिर खड़े किसी प्रेक्षक को तथा
  2. ट्रॉली के साथ गतिमान किसी अन्य प्रेक्षक को, गुटके की गति कैसी प्रतीत होगी, इसकी विवेचना कीजिए।

चित्र में दर्शाए अनुसार किसी ट्रक का पिछला भाग खुला है तथा 40 kg संहति का एक संदूक खुले सिरे से 5 m दूरी पर रखा है। ट्रक के फर्श तथा संदूक के बीच घर्षण गुणांक 0.15 है। किसी सीधी सड़क पर ट्रक विरामावस्था से गति प्रारंभ करके 2m s-2 से त्वरित होता है। आरंभ बिंदु से कितनी दूरी चलने पर वह संदूक ट्रक से नीचे गिर जाएगा? (संदूक के आमाप की उपेक्षा कीजिए।)


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