Advertisements
Advertisements
Question
स्पष्ट कीजिए कि क्यों :
क्रिकेट का खिलाड़ी गेंद को लपकते समय अपने हाथ गेंद के साथ पीछे को खींचता है।
Advertisements
Solution
न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार,
F = ma = `m (trianglev)/(trianglet)` ....(i)
जहाँ
F = गेंद को पकड़ते समय क्रिकेटर द्वारा अनुभव किया जाने वाला रोकने वाला बल
m = गेंद का द्रव्यमान
Δt = गेंद के हाथ से टकराने का समय
समीकरण (i) से यह निकाला जा सकता है कि प्रभाव बल और प्रभाव समय के बीच उलटा अनुपात है, अर्थात्
`F prop 1/(trianglet)` ......(ii)
समीकरण (ii) यह दर्शाता है कि प्रभाव समय बढ़ने पर क्रिकेटर द्वारा अनुभव किया जाने वाला बल कम होता है और इसके विपरीत।
गेंद को पकड़ते समय, क्रिकेटर अपने हाथों को पीछे की ओर खींचता है ताकि प्रभाव समय (Δt) को लम्बा किया जा सके। इससे रोकने वाले बल में कमी आती है, जिससे क्रिकेटर के हाथों को चोट से बचाया जा सकता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
उत्तर की ओर 10 ms-1 की एकसमान आरंभिक चाल से गतिमान 0.40 kg संहति के किसी पिण्ड पर दक्षिण दिशा के अनुदिश 8.0 N का स्थायी बल 30 s के लिए आरोपित किया गया है। जिस क्षण बल आरोपित किया गया उसे t = 0 तथा उस समय पिण्ड की स्थिति x = 0 लीजिए। t = – 5 s, 25 s, 100 s पर इस कण की स्थिति क्या होगी?
किसी व्यक्ति की संहति 70 kg है। वह एक गतिमान लिफ्ट में तुला पर खड़ा है जो –
- 10 ms-1 की एकसमान चाल से ऊपर जा रही है,
- 5 ms-2 के एकसमान त्वरण से नीचे जा रही है,
- 5 ms-2 के एकसमान त्वरण से ऊपर जा रही है, तो प्रत्येक प्रकरण में तुला के पैमाने का पाठ्यांक क्या होगा?
- यदि लिफ्ट की मशीन में खराबी आ जाए और वह गुरुत्वीय प्रभाव में मुक्त रूप से नीचे गिरे तो पाठ्यांक क्या होगा?
किसी घर्षणरहित मेज पर रखे 10 kg तथा 20kg के दो पिण्ड किसी पतली डोरी द्वारा आपस में जुड़े हैं। 600 N का कोई क्षैतिज बल
- A पर,
- B पर डोरी के अनुदिश लगाया जाता है। प्रत्येक स्थिति में डोरी में तनाव क्या है?
20000 kg उत्थापन संहति के किसी रॉकेट में 5 ms-2 के आरंभिक त्वरण के साथ ऊपर की ओर स्फोट किया जाता है। स्फोट का आरंभिक प्रणोद (बल) परिकलित कीजिए।
कोई बल्लेबाज किसी गेंद को 45° के कोण पर विक्षेपित कर देता है। ऐसा करने में वह गेंद की आरंभिक चाल, जो 54 km/h-1 है, में कोई परिवर्तन नहीं करता। गेंद को कितना आवेग दिया जाता है? (गेंद की संहति 0.15 kg है)
m संहति के पत्थर को किसी डोरी के एक सिरे से बाँधकर R त्रिज्या के ऊर्ध्वाधर वृत्त में घुमाया जाता है। वृत्त के निम्नतम तथा उच्चतम बिंदुओं पर ऊर्ध्वाधरतः अधोमुखी दिशा में नेट बल है- (सही विकल्प चुनिए)
| निम्नतम बिंदु पर | उच्चतम बिंदु पर | |
| (i) | mg - T1 | mg + T2 |
| (ii) | mg + T1 | mg - T2 |
| (iii) | `"mg" + "T"_1 - ("m""ν"_1^2//"R")` | `"mg" - "T"_2 + ("m""ν"_2^2//"R")` |
| (iv) | `"mg" - "T"_1 - ("m""ν"_1^2//"R")` | `"mg" + "T"_2 + ("m""ν"_2^2//"R")` |
यहाँ T1 तथा ν1 निम्नतम बिंदु पर तनाव तथा चाल दर्शाते है। T2 तथा ν2 इनके उच्चतम बिंदु पर तदनुरूपी मान है।
15 ms-1 चाल से क्षैतिजतः प्रवाहित कोई जलधारा 10 -2 मी 2 अनुप्रस्थ काट की किसी नली से बाहर निकलती है तथा समीप की किसी ऊर्ध्वाधर दीवार से टकराती है। जल की टक्कर द्वारा, यह मानते हुए कि जलधारा टकराने पर वापस नहीं लौटती, दीवार पर आरोपित बल ज्ञात कीजिए।
कोई वायुयान अपने पंखों को क्षैतिज से 15° के झुकाव पर रखते हुए 720 kmh-1 की चाल से एक क्षैतिज लूप पूरा करता है। लूप की त्रिज्या क्या है?
40 kg संहति का कोई बंदर 600 N का अधिकतम तनाव सह सकने योग्य किसी रस्सी पर चढता है। नीचे दी गई स्थितियों में से किसमें रस्सी टूट जाएगी –
- बंदर 6 ms -2 त्वरण से ऊपर चढ़ता है,
- बंदर 4ms -2 त्वरण से नीचे उतरता है,
- बंदर 5 ms -2 की एकसमान चाल से ऊपर चढ़ता है,
- बंदर लगभग मुक्त रूप से गुरुत्व बल के प्रभाव में रस्सी से गिरता है। (रस्सी की संहति उपेक्षणीय मानिए)

चित्र में दर्शाए अनुसार किसी ट्रक का पिछला भाग खुला है तथा 40 kg संहति का एक संदूक खुले सिरे से 5 m दूरी पर रखा है। ट्रक के फर्श तथा संदूक के बीच घर्षण गुणांक 0.15 है। किसी सीधी सड़क पर ट्रक विरामावस्था से गति प्रारंभ करके 2m s-2 से त्वरित होता है। आरंभ बिंदु से कितनी दूरी चलने पर वह संदूक ट्रक से नीचे गिर जाएगा? (संदूक के आमाप की उपेक्षा कीजिए।)

