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Question
1000 kg संहति का कोई हेलीकॉप्टर 15 ms-2 के ऊध्र्वाधर त्वरण से ऊपर उठता है। चालक दल तथा यात्रियों की संहति 300 kg है। निम्नलिखित बलों का परिमाण व दिशा लिखिए –
- चालक दल तथा यात्रियों द्वारा फर्श पर आरोपित बल
- चारों ओर की वायु पर हेलीकॉप्टर के रोटर की क्रिया, तथा
- चारों ओर की वायु के कारण हेलीकॉप्टर पर आरोपित बल।
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Solution
हेलीकाप्टर का द्रव्यमान m1 = 1000 kg
चालक दल + यात्रियों की संहति m2 = 300 kg
ऊपर की और त्वरण a = 15 मी/से2 तथा g = 10 मी/से2
- चित्र में हेलीकॉप्टर के अंदर स्थित निकाय (चालक दाल + यात्री) का मुक्त पिण्ड आरेख प्रदर्शित है। इस निकाय पर निम्नलिखित बल कार्यरत है -

(i) निकाय का भार m2g (उर्ध्वाधरतः निचे की ओर)
(ii) फर्श द्वारा निकाय (चालक दाल + यात्री) पर आरोपित बल F (उर्ध्वाधरतः ऊपर की ओर) इस निकाय की गति की समीकरण F - m2g = m2a
∴ F = m2 (a + g)
= 300 kg × (15 + 10) मी/से2
= 7500 न्यूटन (उर्ध्वाधरतः ऊपर की ओर)
अतः गति विषयक क्रिया - प्रतिक्रिया (तृतीय) नियम के आधार पर,
चालक दल + यात्रियों द्वारा फर्श पर आरोपित बल
= 7500 न्यूटन (उर्ध्वाधरतः निचे की ओर) 
संपूर्ण निकाय (हेलीकॉप्टर + चालक दाल + यात्री) का कुल द्रव्यमान
M = m1 + m2
= (1000 kg + 300 kg)
= 1300 kg
माना चारों ओर की वायु पर सपूर्ण निकाय पर आरोपित बल F है तो संपूर्ण निकाय के के मुक्त आरेख से गति समीकरण
F - Mg = Ma
F = M (a + g)
= 1300 kg × (15 + 10) मी/से2
= 32500 न्यूटन = 3.25 × 104 न्यूटन (उर्ध्वाधरतः ऊपर की ओर)
अतः चारों ओर वायु पर हेलीकॉप्टर के रोटर की क्रिया
A = -F (न्यूटन के गति विषयक तृतीय नियम के अनुसार)
= 3.25 × 104 न्यूटन (उर्ध्वाधरतः ऊपर की ओर)- चारों ओर की वायु के कारण हेलीकॉप्टर पर आरोपित बल
F = 3.25 × 104 न्यूटन (उर्ध्वाधरतः ऊपर की ओर)
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| निम्नतम बिंदु पर | उच्चतम बिंदु पर | |
| (i) | mg - T1 | mg + T2 |
| (ii) | mg + T1 | mg - T2 |
| (iii) | `"mg" + "T"_1 - ("m""ν"_1^2//"R")` | `"mg" - "T"_2 + ("m""ν"_2^2//"R")` |
| (iv) | `"mg" - "T"_1 - ("m""ν"_1^2//"R")` | `"mg" + "T"_2 + ("m""ν"_2^2//"R")` |
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