Advertisements
Advertisements
Question
7 m ऊँचे भवन के शिखर से एक केबल टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 60° है और इसके पाद का अवनमन कोण 45° है। टॉवर की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
Advertisements
Solution

मान लीजिए AB एक भवन है और CD एक केबल टावर है।
ΔABD में,
`"AB"/"BD"` = tan 45°
`7/"BD"` = 1
BD = 7 m
ΔACE में,
AE = BD = 7 m
`"CE"/"AE"` = tan 60°
`"CE"/7 = sqrt3`
`"CE" = 7sqrt3 "m"`
CD = CE + ED
= `(7sqrt3 + 7)"m"`
= `7(sqrt3 + 1)"m"`
इसलिए, केबल टावर की ऊँचाई `7(sqrt3+1)m` है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
एक ठेकेदार बच्चों को खेलने के लिए एक पार्क में दो फिसलनपट्टी लगाना चाहती है। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए वह एक ऐसी फिसलनपट्टी लगाना चाहती है जिसका शिखर 1.5m की ऊँचाई पर हो और भूमि के साथ 30° के कोण पर झुका हुआ हो, जबकि इससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए वह 3m की ऊँचाई पर एक अधिक ढाल की फिसलनपट्टी लगाना चाहती है, जो भूमि के साथ 60° का कोण बनाती हो। प्रत्येक स्थिति में फिसलनपट्टी की लंबाई क्या होनी चाहिए?
भूमि से 60 m की ऊँचाई पर एक पतंग उड़ रही है। पतंग में लगी डोरी को अस्थायी रूप से भूमि के एक बिंदु से बांध से दिया गया है। भूमि के साथ डोरी का झुकाव 60° है। यह मानकर की डोरी में कोई ढील नहीं है, डोरी की लंबाई ज्ञात कीजिए।
भूमि के एक बिंदु से एक 20 मीटर ऊँचे भवन के शिखर पर लगी एक संचार मीनार के तल और शिखर के उन्नयन कोण क्रमश: 45° और 60° है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
समुद्र-तल से 75 m ऊँची लाइट हाउस के शिखर से देखने पर दो समुद्री जहाजों के अवनमन कोण 30° और 45° हैं। यदि लाइट हाउस के एक ही ओर एक जहाज दूसरे जहाज के ठीक पीछे हो तो दो जहाजों के बिच की दूरी ज्ञात कीजिए।
किसी मीनार की चोटी का उन्नयन कोण 30° है। यदि मीनार की ऊँचाई दुगुनी हो जाए, तो इसकी चोटी का उन्नयन कोण भी दुगुना हो जाएगा।
सूर्य का उस समय उन्नयन कोण ज्ञात कीजिए, जब h मीटर ऊँचे एक खंभे की छाया की लंबाई `sqrt(3)` h मीटर है।
15 मीटर लंबी एक सीढ़ी एक ऊर्ध्वाधर दीवार के ठीक ऊपरी सिरे पर पहुँच पाती है। यदि सीढ़ी इस समय दीवार से 60° का कोण बनाती है, तो दीवार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
1.5 मीटर ऊँचाई वाला एक प्रेक्षक 22 मीटर ऊँची एक मीनार से 20.5 मीटर की दूरी पर खड़ा है। प्रेक्षक की आँख से मीनार की चोटी का उन्नयन कोण निर्धारित कीजिए।
किसी मीनार के आधार से s और t की दूरियों पर स्थित दो बिंदुओं से मीनार की चोटी के उन्नयन कोण परस्पर पूरक हैं। सिद्ध कीजिए कि मीनार की ऊँचाई `sqrt(st)` है।
एक ऊर्ध्वाधर मीनार एक क्षैतिज समतल पर खड़ी है तथा उस पर h ऊँचाई का एक ऊर्ध्वाधर ध्वज-दंड लगा हुआ है। समतल के किसी बिंदु से ध्वज-दंड के निचले और ऊपरी सिरों के उन्नयन कोण क्रमश : α और β हैं। सिद्ध कीजिए कि मीनार की ऊँचाई `((h tan alpha)/(tan beta - tan alpha))` है।
