हिंदी

7 m ऊँचे भवन के शिखर से एक केबल टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 60° है और इसके पाद का अवनमन कोण 45° है। टॉवर की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

7 m ऊँचे भवन के शिखर से एक केबल टॉवर के शिखर का उन्नयन कोण 60° है और इसके पाद का अवनमन कोण 45° है। टॉवर की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।

योग
Advertisements

उत्तर

मान लीजिए AB एक भवन है और CD एक केबल टावर है।

ΔABD में,

`"AB"/"BD"` = tan 45°

`7/"BD"` = 1

BD = 7 m

ΔACE में,

AE = BD = 7 m

`"CE"/"AE"` = tan 60°

`"CE"/7 = sqrt3`

`"CE" = 7sqrt3 "m"`

CD = CE + ED

= `(7sqrt3 + 7)"m"`

= `7(sqrt3 + 1)"m"`

इसलिए, केबल टावर की ऊँचाई `7(sqrt3+1)m` है।

shaalaa.com
ऊँचाइयाँ और दूरियाँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 9: त्रिकोणमिति का अनुप्रयोग - प्रश्नावली 9.1 [पृष्ठ १५९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Ganit [Hindi] Class 10
अध्याय 9 त्रिकोणमिति का अनुप्रयोग
प्रश्नावली 9.1 | Q 12. | पृष्ठ १५९

संबंधित प्रश्न

आँधी आने से एक पेड़ टूट जाता है और टूटा हुआ भाग इस तरह मुड़ जाता है की पेड़ का शिखर जमीन को छूने लगता है और इसके साथ 30° का कोण बनाता है। पेड़ के पाद-बिंदु की दूरी, जहाँ पेड़ का शिखर जमीन को छूता है, 8 मीटर है। पेड़ की उँचाई ज्ञात कीजिए।


भूमि से 60 m की ऊँचाई पर एक पतंग उड़ रही है। पतंग में लगी डोरी को अस्थायी रूप से भूमि के एक बिंदु से बांध से दिया गया है। भूमि के साथ डोरी का झुकाव 60° है। यह मानकर की डोरी में कोई ढील नहीं है, डोरी की लंबाई ज्ञात कीजिए।


1.5 म लंबा एक लड़का 30 म ऊँचे एक भवन से कुछ दूरी पर खड़ा है। जब वह ऊँचे भवन की ओर जाता है जब उसकी आँख से भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° से 60° हो जाता है। बताइए की वह भवन की ओर कितनी दूरी तक चलकर गया है।


एक मीनार के पाद-बिंदु से एक भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° है और भवन के पाद - बिंदु से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। यदि मीनार 50 m ऊँची हो, तो भवन को ऊंचाई ज्ञात कीजिए।


एक 1.2 मीटर लंबी लड़की जमीन से 88.2 मीटर की ऊंचाई पर एक क्षैतिज रेखा में हवा के साथ चलते हुए एक गुब्बारे को देखती है। किसी भी क्षण लड़की की आँखों से गुब्बारे का उन्नयन कोण 60° होता है। कुछ समय बाद, उन्नयन कोण घटकर 30° हो जाता है। इस अंतराल के दौरान गुब्बारे द्वारा तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।


मीनार के आधार से और एक सरल रेखा में 4 m और 9 m की दूरी पर स्थित दो बिंदुओं से मीनार के शिखर के उन्नयन कोण पूरक कोण हैं। सिद्ध कीजिए की मीनार की ऊँचाई 6 m है।


यदि एक मीनार की छाया की लंबाई बढ़ रही है, तो सूर्य का उन्नयन कोण भी बढ़ रहा है।


यदि एक मीनार की ऊँचाई तथा उसके आधार से प्रेक्षण बिंदु की दूरी दोनों ही 10% बढ़ जाते हैं, तो चोटी का उन्नयन कोण वही रहता है।


एक समतल भूमि पर खड़ी मीनार की छाया की उस समय की लंबाई जब सूर्य का उन्नयन कोण 30° है, उस समय की लंबाई से 50 m अधिक है जब सूर्य का उन्नयन कोण 60° था। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।


एक ऊर्ध्वाधर मीनार एक क्षैतिज समतल पर खड़ी है तथा उस पर h ऊँचाई का एक ऊर्ध्वाधर ध्वज-दंड लगा हुआ है। समतल के किसी बिंदु से ध्वज-दंड के निचले और ऊपरी सिरों के उन्नयन कोण क्रमश : α और β हैं। सिद्ध कीजिए कि मीनार की ऊँचाई `((h  tan alpha)/(tan beta - tan alpha))` है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×