Advertisements
Advertisements
Question
6 m ऊँचे एक खंभे की छाया भूमि पर `2sqrt3` m लंबी है। तब, उस समय सूर्य का उन्नयन कोण ______ है।
Options
60°
45°
30°
90°
Advertisements
Solution
6 m ऊँचे एक खंभे की छाया भूमि पर `2sqrt(3)` m लंबी है। तब उस समय सूर्य का उन्नयन कोण 60° है।
स्पष्टीकरण:
माना BC = 6 m खंभे की ऊंचाई है और AB = `2sqrt(3)` m जमीन पर छाया की लंबाई है।
माना सूर्य जमीन पर θ कोण बनाता है।

अब, ΔABC में,
tan θ = `"BC"/"AB"`
⇒ tan θ = `6/(2sqrt(3))`
= `3/sqrt(3) * sqrt(3)/sqrt(3)`
⇒ tan θ = `(3sqrt(3))/3`
= `sqrt(3)` ...`[∵ tan 60^circ = sqrt(3)]`
= tan 60°
∴ θ = 60°
अतः, सूर्य का उन्नयन कोण 60° है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
आँधी आने से एक पेड़ टूट जाता है और टूटा हुआ भाग इस तरह मुड़ जाता है की पेड़ का शिखर जमीन को छूने लगता है और इसके साथ 30° का कोण बनाता है। पेड़ के पाद-बिंदु की दूरी, जहाँ पेड़ का शिखर जमीन को छूता है, 8 मीटर है। पेड़ की उँचाई ज्ञात कीजिए।
एक मीनार के पाद-बिंदु से एक भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° है और भवन के पाद - बिंदु से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। यदि मीनार 50 m ऊँची हो, तो भवन को ऊंचाई ज्ञात कीजिए।
एक सीधा राजमार्ग एक मीनार के पाद तक जाता है। मीनार के शिखर पर खड़ा एक आदमी एक कार को 30° के अवनमन कोण पर देखता है जो की मीनार के पाद की ओर एक समान चाल से जाता है। छ: सेकेंड बाद कार का अवनमन कोण 60° हो गया। इस बिंदु से मीनार के पाद तक पहुँचने में कार द्वारा लिया गया समय ज्ञात कीजिए।
यदि एक मीनार की ऊँचाई तथा उसके आधार से प्रेक्षण बिंदु की दूरी दोनों ही 10% बढ़ जाते हैं, तो चोटी का उन्नयन कोण वही रहता है।
किसी बिंदु से एक मीनार की चोटी का उन्नयन कोण 30° है। यदि प्रेक्षक दीवार की ओर 20 मीटर चलता है, तो उन्नयन कोण में 15° की वृद्धि हो जाती है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
किसी मीनार के आधार से s और t की दूरियों पर स्थित दो बिंदुओं से मीनार की चोटी के उन्नयन कोण परस्पर पूरक हैं। सिद्ध कीजिए कि मीनार की ऊँचाई `sqrt(st)` है।
एक समतल भूमि पर खड़ी मीनार की छाया की उस समय की लंबाई जब सूर्य का उन्नयन कोण 30° है, उस समय की लंबाई से 50 m अधिक है जब सूर्य का उन्नयन कोण 60° था। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
किसी ऊर्ध्वाधर मीनार की चोटी का भूमि पर स्थित किसी बिंदु से उन्नयन कोण 60° है। पहले बिंदु से 10 m उर्ध्वाधरत: ऊपर एक अन्य बिंदु पर उसका उन्नयन कोण 45° है। मीनार की उँचाई ज्ञात कीजिए।
किसी मकान की खिड़की भूमि से h m की ऊँचाई पर है। इस खिड़की से, सड़क के दूसरी ओर स्थित एक अन्य मकान के शिखर और आधार के क्रमशः उन्नयन और अवनमन कोण α और β पाए जाते हैं। सिद्ध कीजिए कि दूसरे मकान की ऊँचाई h(1 + tan α cot β) मीटर है।
किसी मकान की निचली खिड़की भूमि से 2 m की ऊँचाई पर है तथा उसकी ऊपरी खिड़की निचली खिड़की से ऊर्ध्वाधरत : 4 m ऊपर है। किसी क्षण इन खिड़कियों से एक गुब्बारे के उन्नयन कोण क्रमश : 60° और 30° प्रेक्षित किए गए। भूमि के ऊपर गुब्बारे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
