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Question
0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थितियो में ज्ञात कीजिए:
पत्थर को स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्
उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।
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Solution
स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने पर, पत्थर पर एकमात्र बल उसका भार नीचे की ओर कार्य करेगा।
∴ पत्थर पर बल = mg = 0.1 kg × 10 m s-2
= 1N ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर।
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