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0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थितियो में ज्ञात कीजिए:पत्थर को स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात् - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थितियो में ज्ञात कीजिए:
पत्थर को स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्

उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।

संख्यात्मक
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उत्तर

स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने पर, पत्थर पर एकमात्र बल उसका भार नीचे की ओर कार्य करेगा।
∴ पत्थर पर बल = mg = 0.1 kg × 10 m s-2
= 1N ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर।

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जड़त्व का नियम
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: गति के नियम - अभ्यास [पृष्ठ ७०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
पाठ 4 गति के नियम
अभ्यास | Q 4.3 (a) | पृष्ठ ७०

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उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।


0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए:

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उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।


0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए:

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उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।


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