Advertisements
Advertisements
Question
0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए:
पत्थर को 36 km h-1 के एकसमान वेग से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्
उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।
Numerical
Advertisements
Solution
रेलगाड़ी एक स्थिर गति से चलती है, इसलिए उसमें कोई त्वरण नहीं है। इस कारण से रेलगाड़ी की गति से उत्पन्न कोई बल पत्थर पर प्रभाव नहीं डालता है।इसलिए, पत्थर पर लगने वाला बल F = पत्थर का भार = mg =0.1 × 10 = 1.0 N है। यह बल ऊर्ध्वाधर दिशा में नीचे की ओर कार्य करता है।
shaalaa.com
जड़त्व का नियम
Is there an error in this question or solution?
