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0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए: पत्थर को 36 km h-1 के एकसमान वेग से गतिशील किसी रेलगाड़ी की - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए:

पत्थर को 36 km h-1 के एकसमान वेग से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्

उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।

संख्यात्मक
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उत्तर

रेलगाड़ी एक स्थिर गति से चलती है, इसलिए उसमें कोई त्वरण नहीं है। इस कारण से रेलगाड़ी की गति से उत्पन्न कोई बल पत्थर पर प्रभाव नहीं डालता है।इसलिए, पत्थर पर लगने वाला बल F = पत्थर का भार = mg =0.1 × 10 = 1.0 N है। यह बल ऊर्ध्वाधर दिशा में नीचे की ओर कार्य करता है।

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जड़त्व का नियम
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: गति के नियम - अभ्यास [पृष्ठ ७०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 4 गति के नियम
अभ्यास | Q 4.3 (b) | पृष्ठ ७०

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0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थितियो में ज्ञात कीजिए:
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उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।


0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए:

पत्थर को 1 ms-2 के त्वरण से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्

उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।


0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए:

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उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।


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