Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्राः संस्कृतमपि पठितुं शक्नुवन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
Advertisements
उत्तर
छात्र: संस्कृतमपि पठितुं शक्नोति।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन् । (पूर्वकालवाचक -त्वान्त- अव्ययं निष्कासयत ।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
समासविग्रहं कुरुत-
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अपरिचितः | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मे आत्मा कृतार्थतां लभताम्। (लङ्लकारे वाक्यं परिवर्तयत।)
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| राजसद्म | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनि: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| उद्यानपालः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जपाकुसुमम् | ______ | _____ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | अप्सरोभ्याम् | ______ | तृतीया |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् विधिलिङ् |
______ भुञ्जीत | भुञ्जाथे भुञ्जीयाताम् |
भुङ्ग्ध्वे ______ |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ग्रह (९ उ.) | स्वीकरोति | लट् | गृह्णामि | गृह्णीव: | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
वाचनेनैव ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
गौः मञ्चं समागता ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
प्रेक्षकाः मां निघृणं ताडितवन्तः । (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत ।)
नाम-तालिकापूर्ति कुरुत
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | गृध्रौ | ______ | द्वितीया |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
ददर्शायतलोचना ।
धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| वनस्पतिगतः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत -
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पूर्णानदी | ______ | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचतेऽयम् = याचते + ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचको वा = ______ + वा।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शसेव्यःतृ / शानच् |
| सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नवसप्ततिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
द्विषष्टिः - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६८ -
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८८ - ______
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भलूकवेषधारी | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूको | ______ | ______ |
लकारं लिखत ।
मित्र छिन्धि मम बन्धनम् ।- ______
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
