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प्रश्न
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| दा (३ उ.) | यच्छति | लट् | ______ | ददाते | ददते |
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उत्तर
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| दा (३ उ.) | यच्छति | लट् | दत्ते | ददाते | ददते |
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः।
(वाक्य बहुवचने परिवर्तयत ।)
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव।
सन्धिविग्रह कुरुत।
पशुवज्जीवन्ति
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सः वृक्षस्य पृष्ठतः निभृतं स्थितः।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मृगः प्रत्यहं तत्र गत्वा सस्यम् अखादत्। (त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्ताकुलः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीतिनिपुणः | ...... | ...... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भगवतो वदनं धाम्ना राजते स्म।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं विपुलं धनं प्राप्नुयाम्। (लकारं लिखत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ग्राव्णे | ______ | ______ | चतुर्थी |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| मुञ्चानि | ______ | ______ | उत्तमः | लोट् |
क्रियापदतालिका पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार: |
| स्पृहयेत् | ...... | ...... | प्रथमः | विधिलिङ् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| राजसद्म | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| उद्यानपालः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परागकणाः | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| सवितारम् | ______ | ______ | द्वितीया |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्ययावद्धि
समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अहं बालैः सह पत्रक्रीडायां मग्रः आसम्।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
महिला मयि पाषाणखण्डान् अक्षिपत्।
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| कर्मणा | ..... | ..... | तृतीया |
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लृट् | गमिष्यसि | ...... | ...... | मध्यमः पुरुषः |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ..... | आवाम्-नौ | ..... | द्वितीया |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः पठनार्थं गुरुमुपागच्छत्। (बहुवचनं कुरुत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| खगोत्तमः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| वनस्पतिगतः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृध्रराजः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अरुचिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चिन्तामग्ना | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यो जानाति स पण्डितः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्राः संस्कृतमपि पठितुं शक्नुवन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| रभ् (१ आ.प.) | रब्धः | ______ | ______ | रभमाणः |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| आ + रुह्-रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/ शानच् |
| सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| कृ (८ उ.प.) | ______ | ______ | कार्यः | कुर्वाणः |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तृणैर्गुणत्वमापन्नैर्बध्यन्ते
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| समुद्रसुता | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सुभाषितसङ्ग्रहः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| महाकाव्यम् | ...... | ...... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| विद्युति | ______ | ______ | सप्तमी |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| विन्देयम् | ______ | ______ | उत्तमः | विधिलिङ् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पूज् (१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्र्यशीतिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
द्विषष्टिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१००
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५८
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूकौ | ..... | ..... |
लकारं लिखत।
काकः उपादिशत्। = .......
लकारं लिखत।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुञ्चत्। = ......
लकारं लिखत।
मित्र छिन्धि मम बन्धनम्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्र: लेखं लिखति। (अध्यापक:) (णिजन्तं कुरुत।)
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
लघुः × ______।
