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प्रश्न
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ..... | ..... |
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उत्तर
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | आयते लोचने यस्याः सा | बहुव्रीहिः। |
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संबंधित प्रश्न
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
भूमातुः उपदेशं मनसि निधाय पृथुवैन्यः कृषिकार्यम् अकरोत्। (‘भूमातुः’ स्थाने ‘भूमि’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत।)
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सः वृक्षस्य पृष्ठतः निभृतं स्थितः।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मृगः प्रत्यहं तत्र गत्वा सस्यम् अखादत्। (त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ...... | ...... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ग्राव्णे | ______ | ______ | चतुर्थी |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| उद्यानपालः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जपाकुसुमम् | ..... | ..... |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् | ______ | भुञ्जाथे | भुङ्ग्ध्वे |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सर्कसस्वामिनः विवशता मया अवगता।
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| कर्मणा | ..... | ..... | तृतीया |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणौ प्राणमत्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| लोकप्रियः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पाषाणखण्डाः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृहस्थः | ..... | ..... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम्।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीयः | मुञ्चन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/ शानच् |
| सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| कृ (८ उ.प.) | ______ | ______ | कार्यः | कुर्वाणः |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि
______ समीपे सुभाषितसङ्ग्रहं दृष्टा मया चिन्तितम्।
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | यच्छतः | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | स्तम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| आसीत् | ______ | ______ | प्रथमः | लङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | गमिष्यामः | उत्तमः | लृट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्र्यशीतिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९३
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
२२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५८
लकारं लिखत।
स मूल्यं मह्यं दद्यात्। = .......
लकारं लिखत।
वयं वृत्त्यर्थं कार्यरताः स्याम। = ......
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______
