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प्रश्न
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् | ______ | भुञ्जाथे | भुङ्ग्ध्वे |
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उत्तर
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् | भुङ्क्षे | भुञ्जाथे | भुङ्ग्ध्वे |
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
तुरगः = ______
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः।
(वाक्य बहुवचने परिवर्तयत ।)
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
मरणमस्तु।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्ताकुलः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रजाहितदक्षः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| लगुडहस्तः | ...... | ...... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भगवतो वदनं धाम्ना राजते स्म।
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अर्णवः जपाकुसुमं गृहीत्वा प्रविशति। (पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ग्राव्णे | ______ | ______ | चतुर्थी |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | बलवतः | द्वितीया |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | त्वचोः | ______ | षष्ठी |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकारः |
| ______ | जीवतः | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकार: |
| ______ | ______ | चिन्तयामहै | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| राजसद्म | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परमाणुः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| किञ्चिज्ज्ञः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शिशिर-ऋतुः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| महात्मा | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीरजम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| हस्तस्थम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परागकणाः | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सर्कसस्वामिनः विवशता मया अवगता।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ददर्शायतलोचना।
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लट् | ..... | पश्यावः | ..... | उत्तमः पुरुषः |
सर्वनाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्य | ...... | ...... | षष्ठी |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ..... | आवाम्-नौ | ..... | द्वितीया |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
रावणः खड्गमुद्धृत्य पक्षौ अच्छिनत्। (पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत्। (पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यदा त्वं स्मरिष्यसि तदा एव त्वत्समीपमागमिष्यामि। (लकारं लिखत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| लोकप्रियः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | ..... | ..... |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचतेऽयम् = याचते + ______।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| लिख् (६ प. प.) | लिखितः | ______ | लेखितव्यः | ______ |
______ समीपे सुभाषितसङ्ग्रहं दृष्टा मया चिन्तितम्।
अस्माभिः संस्कृतस्य अध्ययनं ______ कृतम्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| रामाभिषेकः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रामग्नः | ..... | ..... |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | स्तम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | पूजयाम | उत्तमः | लोट् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पूज् (१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शतृ/शानच् |
| लभ् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७५
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
२३
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१००
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८८
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मानवताधर्मः | ...... | ...... |
लकारं लिखत।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि। = ......
लकारं लिखत।
काकः उपादिशत्। = .......
लकारं लिखत।
त्वं रचनां द्रष्टुं शक्नोषि। = ......
लकारं लिखत।
वयं वृत्त्यर्थं कार्यरताः स्याम। = ......
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७१
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
योग्यं पर्यायं चिनुत।
वानराः ______ फलानि खादन्ति।
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
लघुः × ______।
