Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव ।
Advertisements
उत्तर
उदर एव = उदरे +एव
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत
४९ - ______
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
तुरगः = ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
प्रजाजनैः सह कृषिकार्यं कुरु। (लकारं लिखत।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि । (लृट् स्थाने लिङ् प्रयोगं कुरुत ।)
उत्तरपदं लिखत ।
काकोऽवदत् = काकः + ______ |
समासविग्रहं कुरुत-
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रजाहितदक्षः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जलव्यवस्थापनम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीतिनिपुणः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रयागक्षेत्रम् | ______ | _____ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतम मूल्यं मह्यं दद्यात् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि । (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत ।)
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ग्राव्णे | ______ | ______ | चतुर्थी |
नामतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | त्वचोः | ______ | षष्ठी |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सविनयम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| किञ्चिज्ज्ञः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| उद्यानपालः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शिशिर ऋतुः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीरजम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| दर्शनार्थम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जपाकुसुमम् | ______ | _____ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
वाचनेनैव ।
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
अद्ययावद्धि ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सर्कसस्वामिनः विवशता मया अवगता ।
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
ददर्शायतलोचना ।
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | ताः | प्रथमा |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार। (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
रावणः खड्गमुद्धृत्य पक्षौ अच्छिनत् ।
(पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणी प्राणमत् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
आचार्यः शिष्यगणेन सह गङ्गास्नानार्थं गच्छति स्म। (‘स्म’ निष्कासयत।)
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पाषाणखण्डा : | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चरमबिन्दुः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| वनस्पतिगतः | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
______ नमः । (‘वैद्यराज’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हत्वा पुरीं ययौ। (लङ्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
यो जानाति स पण्डितः । (बहुवचने परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम् ।
वयं कार्यरता: स्याम ।
(लोट् लकारे परिवर्तयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीय: | मुञ्चन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| आ + रुह्- रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीयः | मुञ्चन्: |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि - ______
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| महाकाव्यम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सर्वधर्माः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अभ्युदयकृत् | ______ | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| ______ | ______ | युष्मान् / वः | द्वितीया |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | स्तम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पूज्(१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
| लम् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत । -
षट्त्रिंशत् - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
पञ्चदश - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६२
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भलूकवेषधारी | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| महाविद्यालयः | ______ | ______ |
लकारं लिखत ।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुचत् ।
लकारं लिखत ।
मित्र छिन्धि मम बन्धनम् ।- ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
कुसुमम् = ______।
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
बद्ध: × ______।
