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प्रश्न
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| हस्तस्थम् | ..... | ..... |
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उत्तर
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| हस्तस्थम् | हस्ते तिष्ठति इति | उपपद-तत्पुरुषः। |
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संबंधित प्रश्न
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
नदी = ______
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
राजा = ______
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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| क्रियासिद्धिः | ...... | ...... |
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
महाविद्यालये कणादविषयकाणि पुस्तकानि सन्ति। (वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
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क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकारः |
| ______ | जीवतः | ______ | प्रथमः | लट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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| सविनयम् | ..... | ..... |
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| किञ्चिज्ज्ञः | ..... | ..... |
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| दर्शनार्थम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
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नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ततस्सा।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
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धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
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सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
सप्तनवतिः
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७५
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१२
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लकारं लिखत।
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