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प्रश्न
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| महात्मा | ..... | ..... |
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उत्तर
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| महात्मा | महान् आत्मा यस्य सः | बहुव्रीहिः। |
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संबंधित प्रश्न
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन्। (पूर्वकालवाचक -त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं धनुः त्यज। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
उत्तरपदं लिखत।
जम्बूकोऽयम् = जम्बूकः + ______।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सः वृक्षस्य पृष्ठतः निभृतं स्थितः।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्यैव।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
बकास्तत्र
सन्धिविग्रहं कुरुत।
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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भगवतो वदनं धाम्ना राजते स्म।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं विपुलं धनं प्राप्नुयाम्। (लकारं लिखत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अर्णवः जपाकुसुमं गृहीत्वा प्रविशति। (पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
वयं तु केवलं तस्य महाभागस्य नामधेयं जानीमः। (वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत।)
नामतालिकां पूरयत।
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
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| शिशिर-ऋतुः | ..... | ..... |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
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प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भल्लूकवेशे अब्दुलः शोभेत।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
महिला मयि पाषाणखण्डान् अक्षिपत्।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
गौः मञ्चं समागता।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत्। (पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
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धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
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धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
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तत्प्राप्तुं यतस्व। = ......
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३०
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
बद्ध: × ______।
