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प्रश्न
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव।
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उत्तर
उदरे + एव
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
योग्यं पर्यायं चिनुत ।
त्वं धनुः ______।
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रदोषकाले मृगमन्विष्यन् काकः क्षेत्रे उपस्थितः।
पूर्वपदं लिखत।
वातेनोदरम् = ______ + उदरम्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मृगः प्रत्यहं तत्र गत्वा सस्यम् अखादत्। (त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
मरणमस्तु।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्यैव।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
आत्मनो मुखदोषेण
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकभयम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अपरिचितः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीतिनिपुणः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्रियासिद्धिः | ...... | ...... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतमं मूल्यं मह्यं दद्यात्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
महाविद्यालये कणादविषयकाणि पुस्तकानि सन्ति। (वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
क्रियापदतालिका पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार: |
| स्पृहयेत् | ...... | ...... | प्रथमः | विधिलिङ् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| बालसूर्यबिम्बम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भक्तिरसार्णवः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परमाणुः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| हस्तस्थम् | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| दयावत: | ...... | ...... | षष्ठी |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | ______ | ______ | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ब्रू (२ उ.) | वदति | लङ् | ______ | अब्रूताम् | अब्रुवन् |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
पत्रक्रीडायां मग्रः आसम् अहम्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार। (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणौ प्राणमत्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| लोकप्रियः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| बालवीरचमूः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृध्रराजः | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि। (‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वैद्यः प्राणान् हरति। (वाक्यं लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
पदवी अपि प्राप्ता मया। (प्रयोगपरिवर्तनं कुरुत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| लिख् (६ प. प.) | लिखितः | ______ | लेखितव्यः | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/ शानच् |
| सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| रम् (१ आ.प.) | रतः | ______ | रन्तव्यः | ______ |
______ समीपे सुभाषितसङ्ग्रहं दृष्टा मया चिन्तितम्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| प्रतीक्षालयः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अम्भोदाः | ...... | ...... |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | लिखेतम् | ______ | मध्यमः | विधिलिङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| आसीत् | ______ | ______ | प्रथमः | लङ् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पूज् (१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शतृ/शानच् |
| खाद् (१ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
पञ्चदश
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
षण्णवतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१००
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४४
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९८
लकारं लिखत।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि। = ......
लकारं लिखत।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुञ्चत्। = ......
लकारं लिखत।
आचार्यः तं प्रणनाम। = ......
लकारं लिखत।
मित्र छिन्धि मम बन्धनम्।
योग्यं पर्यायं चिनुत।
वानराः ______ फलानि खादन्ति।
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
एकोनसप्ततिः -
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
लघुः × ______।
