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प्रश्न
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षेत्रपतिः | ...... | ...... |
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उत्तर
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षेत्रपतिः | क्षेत्रस्य पतिः | षष्ठी-तत्पुरुषः। |
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संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
शृगालः मृगेण सह मित्रताम् ऐच्छत्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मित्र छिन्धि तावन्मम बन्धनम्। (लकारं लिखत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रजाहितदक्षः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिताः | ...... | ...... |
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
वयं तु केवलं तस्य महाभागस्य नामधेयं जानीमः। (वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| बालसूर्यबिम्बम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परागकणाः | ..... | ..... |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| दा (३ उ.) | यच्छति | लट् | ______ | ददाते | ददते |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्ययावद्धि
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
गौः मञ्चं समागता।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| बालवीरचमूः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चिन्तामग्ना | ..... | ..... |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीयः | मुञ्चन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | ज्ञातः | ज्ञातवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| प्रच्छ्-पृच्छ् (६ प. प.) | ______ | पृष्टवान् | ______ | पृच्छन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| कृ (८ उ.प.) | ______ | ______ | कार्यः | कुर्वाणः |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| यमराजसहोदरः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| विशेषार्हता | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अभ्युदयकृत् | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अम्भोदाः | ...... | ...... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| विद्युति | ______ | ______ | सप्तमी |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | लिखेतम् | ______ | मध्यमः | विधिलिङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | पूजयाम | उत्तमः | लोट् |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८२
लकारं लिखत।
स मूल्यं मह्यं दद्यात्। = .......
लकारं लिखत।
त्वं रचनां द्रष्टुं शक्नोषि। = ......
योग्यं पर्यायं चिनुत।
वानराः ______ फलानि खादन्ति।
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
बद्ध: × ______।
