Advertisements
Advertisements
प्रश्न
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सर्कसस्वामिनः विवशता मया अवगता।
Advertisements
उत्तर
कस्य विवशता मया अवगता?
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वयम् आनन्देन एकत्र निवसामः। (लट्लकारस्थाने लङ्लकारं योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
आत्मनो मुखदोषेण
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रजाहितदक्षः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| लगुडहस्तः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्रियासिद्धिः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सकोपम् | ...... | ...... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मे आत्मा कृतार्थतां लभताम्। (लङ्लकारे वाक्यं परिवर्तयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकार: |
| ______ | ______ | चिन्तयामहै | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परमाणुः | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| दयावत: | ...... | ...... | षष्ठी |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | दृग्भ्याम् | ______ | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ब्रू (२ उ.) | वदति | लङ् | ______ | अब्रूताम् | अब्रुवन् |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
पत्रक्रीडायां मग्रः आसम् अहम्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
रावणः खड्गमुद्धृत्य पक्षौ अच्छिनत्। (पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
आचार्यः शिष्यगणेन सह गङ्गास्नानार्थं गच्छति स्म। (‘स्म’ निष्कासयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| वनस्पतिगतः | ..... | ..... |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| रभ् (१ आ.प.) | रब्धः | ______ | ______ | रभमाणः |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| वद् (१ प.प.) | ______ | उदितवान् | वदनीयः | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अम्भोदाः | ...... | ...... |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पूज् (१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
पञ्चदश
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९३
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९८
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूकौ | ..... | ..... |
लकारं लिखत।
मित्र छिन्धि मम बन्धनम्। = .......
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - .......।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३०
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
