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प्रश्न
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकभयम् | ..... | ..... |
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उत्तर
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकभयम् | चोराः च लुण्ठकाः च | इतरेतरद्वन्द्वः। |
| चोरलुण्ठकेभ्यः भयम् | पञ्चमी तत्पुरुषः। |
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संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
पञ्चाशीतिः - ______
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मृगः प्रत्यहं तत्र गत्वा सस्यम् अखादत्। (त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मित्र छिन्धि तावन्मम बन्धनम्। (लकारं लिखत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ब्रह्मभ्याम् | ______ | तृतीया |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्ययावद्धि
समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव।
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ..... | गृध्रौ | ..... | द्वितीया |
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लङ् | ..... | ..... | अभवन् | प्रथमः पुरुषः |
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लृट् | गमिष्यसि | ...... | ...... | मध्यमः पुरुषः |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार। (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पाषाणखण्डाः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनुत्तमानि | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पूर्णानदी | ..... | ..... |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचतेऽयम् = याचते + ______।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
पदवी मया प्राप्ता।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि। (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्राः संस्कृतमपि पठितुं शक्नुवन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वयं कार्यरताः स्याम। (लोट्-लकारे परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| आ + रुह्-रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/ शानच् |
| सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पा-पिब् (१ प.प.) | ______ | ______ | पेयः | पिबन् |
अस्माभिः संस्कृतस्य अध्ययनं ______ कृतम्।
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१००
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६७
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
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लकारं लिखत।
आत्मा कृतार्थतां लभताम्। = ......
मञ्जूषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथवकुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
(मञ्जूषा - अकथयत्, मुक्तः, जानाति, भेतव्यम्, वहतु)
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
कुसुमम् = ______।
