Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ददर्शायतलोचना।
Advertisements
उत्तर
ददर्शायतलोचना = ददर्श + आयतलोचना।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं पादान्स्तब्धीकृत्य तिष्ठ। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
आत्मनो मुखदोषेण
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षेत्रपतिः | ...... | ...... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| संन्यासिनि | ______ | ______ | सप्तमी |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| बालसूर्यबिम्बम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सविनयम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| हस्तस्थम् | ..... | ..... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भल्लूकवेशे अब्दुलः शोभेत।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार। (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| लोकप्रियः | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
______ नमः। (‘वैद्यराज’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा पुरीं ययौ। (लङ्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यो जानाति स पण्डितः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचतेऽयम् = याचते + .....।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
पदवी मया प्राप्ता।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि। (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीयः | मुञ्चन् |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि
______ अवगतम्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| रामाभिषेकः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पशुपतिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भरतमुनिः | ...... | ...... |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७८
लकारं लिखत।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि। = ......
लकारं लिखत।
वयं वृत्त्यर्थं कार्यरताः स्याम। = ......
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - .......।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९०
