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प्रश्न
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
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उत्तर
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| आनयति, अगच्छत्, भवेत् |
हत:, कर्तव्यम् |
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संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१०
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
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समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
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| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
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| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीरजम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
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| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ब्रू (२ उ.) | वदति | लङ् | ______ | अब्रूताम् | अब्रुवन् |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
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समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
पत्रक्रीडायां मग्रः आसम् अहम्। (बहुवचने लिखत।)
धातु-तालिकां पूरयत।
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प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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याचको वा = ______ + वा।
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श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
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७८
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मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
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