Advertisements
Advertisements
प्रश्न
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ...... | ...... |
Advertisements
उत्तर
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | मृगः च शृगालः च | इतरेतरद्वन्द्वः। |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१०
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
प्रजाजनैः सह कृषिकार्यं कुरु। (लकारं लिखत।)
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकभयम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रजाहितदक्षः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सकोपम् | ...... | ...... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतमं मूल्यं मह्यं दद्यात्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मे आत्मा कृतार्थतां लभताम्। (लङ्लकारे वाक्यं परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अर्णवः जपाकुसुमं गृहीत्वा प्रविशति। (पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | त्वचोः | ______ | षष्ठी |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकार: |
| ______ | धारयेथाम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| राजसद्म | ..... | ..... |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्ययावद्धि
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लङ् | ..... | ..... | अभवन् | प्रथमः पुरुषः |
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लट् | ..... | पश्यावः | ..... | उत्तमः पुरुषः |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यदा त्वं स्मरिष्यसि तदा एव त्वत्समीपमागमिष्यामि। (लकारं लिखत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अपि भवती संस्कृतं पाठयति? (‘भवती’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तृणैर्गुणत्वमापन्नैर्बध्यन्ते
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| दारपोषणरताः | ..... | ..... |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | पूजयाम | उत्तमः | लोट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८८
लकारं लिखत।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि। = ......
लकारं लिखत।
आत्मा कृतार्थतां लभताम्। = ......
लकारं लिखत।
आचार्यः तं प्रणनाम। = ......
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
