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प्रश्न
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूकौ | ..... | ..... |
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उत्तर
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूकौ | व्याघ्रः च भल्लूकः च | इतरेतरद्वन्द्वः। |
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भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
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क्रियापदतालिकां पूरयत।
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समासविग्रहं कुरुत।
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समासविग्रहं कुरुत।
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समासविग्रहं कुरुत।
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| दर्शनार्थम् | ..... | ..... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
आचार्यः शिष्यगणेन सह गङ्गास्नानार्थं गच्छति स्म। (‘स्म’ निष्कासयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि। (‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
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समासविग्रहं कुरुत।
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क्रियापदतालिकां पूरयत।
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९३
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६८
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