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प्रश्न
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
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उत्तर
सीता वनस्पतिगतं गृधम् अपश्यत्।
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संबंधित प्रश्न
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
पूर्वपदं लिखत।
मृतोऽसि = ______ + असि।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जलव्यवस्थापनम् | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ब्रह्मभ्याम् | ______ | तृतीया |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| संन्यासिनि | ______ | ______ | सप्तमी |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | बलवतः | द्वितीया |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| राजसद्म | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सविनयम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| किञ्चिज्ज्ञः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जपाकुसुमम् | ..... | ..... |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
वाचनेनैव
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जनाः न सन्तुष्टाः। (एकवचने लिखत)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यदा त्वं स्मरिष्यसि तदा एव त्वत्समीपमागमिष्यामि। (लकारं लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि। (‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
______ नमः। (‘वैद्यराज’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
पदवी अपि प्राप्ता मया। (प्रयोगपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्राः संस्कृतमपि पठितुं शक्नुवन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वयं कार्यरताः स्याम। (लोट्-लकारे परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| वद् (१ प.प.) | ______ | उदितवान् | वदनीयः | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| रामाभिषेकः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सर्वधर्माः | ...... | ...... |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
षट्त्रिंशत्
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
षण्णवतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३८
लकारं लिखत।
त्वं रचनां द्रष्टुं शक्नोषि। = ......
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
एकोनसप्ततिः -
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्र: लेखं लिखति। (अध्यापक:) (णिजन्तं कुरुत।)
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
मृगः = ______।
