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प्रश्न
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
त्वया किं दृष्टम्? (वाच्य परिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
किं दृष्टं त्वया? (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
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उत्तर
त्वं किं दृष्टवान्?
संबंधित प्रश्न
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
शीघ्रम् = ______
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
१४ - ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पादः - ______
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जलव्यवस्थापनम् | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रयागक्षेत्रम् | ...... | ...... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकार: |
| ______ | धारयेथाम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकार: |
| ______ | ______ | चिन्तयामहै | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| दर्शनार्थम् | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| दयावत: | ...... | ...... | षष्ठी |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| सवितारम् | ______ | ______ | द्वितीया |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सर्कसस्वामिनः विवशता मया अवगता।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जनाः न सन्तुष्टाः। (एकवचने लिखत)
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लट् | ..... | पश्यावः | ..... | उत्तमः पुरुषः |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनिच्छा | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृहस्थः | ..... | ..... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्राः संस्कृतमपि पठितुं शक्नुवन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीयः | मुञ्चन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| आ + रुह्-रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| रम् (१ आ.प.) | रतः | ______ | रन्तव्यः | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| यमराजसहोदरः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| रामाभिषेकः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रामग्नः | ..... | ..... |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | गमिष्यामः | उत्तमः | लृट् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शतृ/शानच् |
| लभ् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्र्यशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१००
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८०
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९३
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३०
मञ्जूषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथवकुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
(मञ्जूषा - अकथयत्, मुक्तः, जानाति, भेतव्यम्, वहतु)
