Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | गमिष्यामः | उत्तमः | लृट् |
Advertisements
उत्तर
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| गमिष्यामि | गमिष्यावः | गमिष्यामः | उत्तमः | लृट् |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
भूमिः स्त्रीरूपं धृत्वा तस्य पुरतः प्रकटिता अभवत्। (पूर्वकालवाचक-त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
मरणमस्तु।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकभयम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जलव्यवस्थापनम् | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शुकसारिकाः | ...... | ...... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतमं मूल्यं मह्यं दद्यात्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं विपुलं धनं प्राप्नुयाम्। (लकारं लिखत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
त्वया किं दृष्टम्? (वाच्य परिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परागकणाः | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| सवितारम् | ______ | ______ | द्वितीया |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ग्रह (९ उ.) | स्वीकरोति | लट् | गृह्णामि | गृह्णीवः | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| बालवीरचमूः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यो जानाति स पण्डितः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| समुद्रसुता | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| प्रतीक्षालयः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अभ्युदयकृत् | ...... | ...... |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लट् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शतृ/शानच् |
| लभ् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
षट्त्रिंशत्
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
पञ्चदश
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्रिचत्वारिंशत्
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्रयस्त्रिंशत्
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
षण्णवतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४८
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भल्लूकवेषधारी | ..... | ..... |
लकारं लिखत।
आत्मा कृतार्थतां लभताम्। = ......
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
कुसुमम् = ______।
