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प्रश्न
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लट् |
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उत्तर
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| सहते | सहेते | सहन्ते | प्रथमः | लट् |
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संबंधित प्रश्न
पूर्वपदं लिखत।
मृगोऽब्रवीत् = ______ + अब्रवीत्।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्यैव।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ...... | ...... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं किम् इच्छसि? (‘त्वम्’ इत्यस्य स्थाने ‘भवान्’ इति योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| दर्शनार्थम् | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | अप्सरोभ्याम् | ______ | तृतीया |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् | जानीते | जानाते | ______ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
गौः मञ्चं समागता।
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ..... | गृध्रौ | ..... | द्वितीया |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः पठनार्थं गुरुमुपागच्छत्। (बहुवचनं कुरुत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत्। (पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सद्गुणसम्पत्तिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनिच्छा | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| खगोत्तमः | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यो जानाति स पण्डितः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि। (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
पदवी अपि प्राप्ता मया। (प्रयोगपरिवर्तनं कुरुत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| प्रच्छ्-पृच्छ् (६ प. प.) | ______ | पृष्टवान् | ______ | पृच्छन् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| प्रतीक्षालयः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| महाकाव्यम् | ...... | ...... |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
षट्त्रिंशत्
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्रयस्त्रिंशत्
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
२३
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४४
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९३
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६२
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - .......।
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९०
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
