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प्रश्न
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
विकल्प
विस्तीर्णः
विस्तीर्णाः
विस्तीर्णम्
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उत्तर
उद्याने विस्तीर्णाः वृक्षाः सन्ति।
संबंधित प्रश्न
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
शीघ्रम् = ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
सुकृतम् - ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
भूमिः स्त्रीरूपं धृत्वा तस्य पुरतः प्रकटिता अभवत्। (पूर्वकालवाचक-त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
उत्तरपदं लिखत।
मृगेणोक्तम् = मृगेण + ______।
पूर्वपदं लिखत।
मृगोऽब्रवीत् = ______ + अब्रवीत्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिताः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्रियासिद्धिः | ...... | ...... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं विपुलं धनं प्राप्नुयाम्। (लकारं लिखत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ब्रह्मभ्याम् | ______ | तृतीया |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकारः |
| ______ | जीवतः | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकार: |
| ______ | धारयेथाम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शिशिर-ऋतुः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| महात्मा | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परागकणाः | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | ______ | ______ | चतुर्थी |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
प्रेक्षकाः मां निर्घृणं ताडितवन्तः। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लङ् | ..... | ..... | अभवन् | प्रथमः पुरुषः |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनिच्छा | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अरुचिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पूर्णानदी | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
______ नमः। (‘वैद्यराज’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचको वा = ______ + वा।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि। (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| प्र + विश् (६ प.प.) | प्रविष्टः | ______ | ______ | प्रविशन् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पशुपतिः | ..... | ..... |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शतृ/शानच् |
| लभ् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१००
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६७
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८२
लकारं लिखत।
वयं वृत्त्यर्थं कार्यरताः स्याम। = ......
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७१
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
एकोनसप्ततिः -
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
