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प्रश्न
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं किम् इच्छसि? (‘त्वम्’ इत्यस्य स्थाने ‘भवान्’ इति योजयत।)
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उत्तर
भवान् किम् इच्छति?
संबंधित प्रश्न
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा परी ययौ।
(वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पादः - ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
सुकृतम् - ______
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
सन्धिविग्रह कुरुत।
पुरोहितोऽवदत्।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
बकास्तत्र
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| प्रजाहितदक्षः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जलव्यवस्थापनम् | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शुकसारिकाः | ...... | ...... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भगवतो वदनं धाम्ना राजते स्म।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | त्वचोः | ______ | षष्ठी |
क्रियापदतालिका पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार: |
| स्पृहयेत् | ...... | ...... | प्रथमः | विधिलिङ् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनिः | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | ______ | ______ | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ब्रू (२ उ.) | वदति | लङ् | ______ | अब्रूताम् | अब्रुवन् |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार। (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
आचार्यः शिष्यगणेन सह गङ्गास्नानार्थं गच्छति स्म। (‘स्म’ निष्कासयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| खगोत्तमः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनुत्तमानि | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि। (‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यो जानाति स पण्डितः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि। (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| प्रच्छ्-पृच्छ् (६ प. प.) | ______ | पृष्टवान् | ______ | पृच्छन् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| यमराजसहोदरः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| प्रतीक्षालयः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भरतमुनिः | ...... | ...... |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | स्तम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लट् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शतृ/शानच् |
| लभ् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४४
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९३
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८८
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूकौ | ..... | ..... |
लकारं लिखत।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुञ्चत्। = ......
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - .......।
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
लघुः × ______।
