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प्रश्न
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
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उत्तर
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
| खादन्ति | पुजितः |
| लभते | मुक्तः |
| भेतव्यम् |
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समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
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सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
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सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
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नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
रावणः खड्गमुद्धृत्य पक्षौ अच्छिनत्। (पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यदा त्वं स्मरिष्यसि तदा एव त्वत्समीपमागमिष्यामि। (लकारं लिखत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
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धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| लिख् (६ प. प.) | लिखितः | ______ | लेखितव्यः | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| प्रच्छ्-पृच्छ् (६ प. प.) | ______ | पृष्टवान् | ______ | पृच्छन् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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सर्वनामतालिकां पूरयत।
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| ______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
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सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
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मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
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