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प्रश्न
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
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उत्तर
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| अभाषथाः | अभाषेथाम् | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
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संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
पञ्चाशीतिः - ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन्। (पूर्वकालवाचक -त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
उत्तरपदं लिखत।
जम्बूकोऽयम् = जम्बूकः + ______।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
शृगालः मृगेण सह मित्रताम् ऐच्छत्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकभयम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षेत्रपतिः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्रियासिद्धिः | ...... | ...... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| बालसूर्यबिम्बम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीरजम् | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | दृग्भ्याम् | ______ | चतुर्थी |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| सवितारम् | ______ | ______ | द्वितीया |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् | जानीते | जानाते | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत्। (पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यदा त्वं स्मरिष्यसि तदा एव त्वत्समीपमागमिष्यामि। (लकारं लिखत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पाषाणखण्डाः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| वनस्पतिगतः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
पदवी अपि प्राप्ता मया। (प्रयोगपरिवर्तनं कुरुत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीयः | मुञ्चन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पा-पिब् (१ प.प.) | ______ | ______ | पेयः | पिबन् |
पृष्ठतः ______ युवकाः गोष्ठिषु रताः।
एते सर्वेऽपि ______ सहभागिनः।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| रामाभिषेकः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सुभाषितसङ्ग्रहः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अभ्युदयकृत् | ...... | ...... |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नवसप्ततिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्रयस्त्रिंशत्
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७१
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______
