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प्रश्न
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जनाः न सन्तुष्टाः। (एकवचने लिखत)
वचनं परिवर्तयत।
जनाः न सन्तुष्टाः। (एकवचने)
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उत्तर
जनः न सन्तुष्टः।
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मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
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त्वं धनुः त्यज। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
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पूर्वपदं लिखत।
वातेनोदरम् = ______ + उदरम्।
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अद्यैव।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
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| ______ | ब्रह्मभ्याम् | ______ | तृतीया |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| राजसद्म | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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| ______ | अप्सरोभ्याम् | ______ | तृतीया |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | ______ | ______ | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् | जानीते | जानाते | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ततस्सा।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वैद्यः प्राणान् हरति। (वाक्यं लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| कृ (८ उ.प.) | ______ | ______ | कार्यः | कुर्वाणः |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि
समासविग्रहं कुरुत।
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नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | अम्बूनि | प्रथमा |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५६
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८०
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४४
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२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१८
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४८
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आत्मा कृतार्थतां लभताम्। = ......
समानार्थकशब्दान् लिखत।
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सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७१
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एकत्रिंशत - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९०
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
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| ______ | ______ |
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