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प्रश्न
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचतेऽयम् = याचते + ______।
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उत्तर
याचतेऽयम् = याचते + अयम्।
संबंधित प्रश्न
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
प्रजाजनैः सह कृषिकार्यं कुरु। (लकारं लिखत।)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि। (लृट् स्थाने लिङ् प्रयोगं कुरुत।)
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सः वृक्षस्य पृष्ठतः निभृतं स्थितः।
पूर्वपदं लिखत।
मृतोऽसि = ______ + असि।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मित्र छिन्धि तावन्मम बन्धनम्। (लकारं लिखत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्यैव।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षुद्रबुद्धिः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| लगुडहस्तः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्रियासिद्धिः | ...... | ...... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ब्रह्मभ्याम् | ______ | तृतीया |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| संन्यासिनि | ______ | ______ | सप्तमी |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकारः |
| ______ | जीवतः | ______ | प्रथमः | लट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सविनयम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अश्मखण्डः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| दर्शनार्थम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परागकणाः | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| सवितारम् | ______ | ______ | द्वितीया |
समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सर्कसस्वामिनः विवशता मया अवगता।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
गौः मञ्चं समागता।
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ..... | गृध्रौ | ..... | द्वितीया |
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लङ् | ..... | ..... | अभवन् | प्रथमः पुरुषः |
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लट् | ..... | पश्यावः | ..... | उत्तमः पुरुषः |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणौ प्राणमत्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः पठनार्थं गुरुमुपागच्छत्। (बहुवचनं कुरुत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| बालवीरचमूः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पाषाणखण्डाः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनिच्छा | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| वनस्पतिगतः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृहस्थः | ..... | ..... |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| आ + रुह्-रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि
एते सर्वेऽपि ______ सहभागिनः।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| यमराजसहोदरः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रामग्नः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| समीपस्थः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भरतमुनिः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अभ्युदयकृत् | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अम्भोदाः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सावधानमनः | ...... | ...... |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| विन्देयम् | ______ | ______ | उत्तमः | विधिलिङ् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लट् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शतृ/शानच् |
| खाद् (१ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
पञ्चदश
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१००
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९३
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
२८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५८
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| महाविद्यालयः | ...... | ...... |
लकारं लिखत।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि। = ......
लकारं लिखत।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुञ्चत्। = ......
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव
योग्यं पर्यायं चिनुत।
वानराः ______ फलानि खादन्ति।
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
