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प्रश्न
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
एकोनसप्ततिः -
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उत्तर
एकोनसप्ततिः - ६९
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संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत
४९ - ______
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
शृगालः मृगेण सह मित्रताम् ऐच्छत्।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रदोषकाले मृगमन्विष्यन् काकः क्षेत्रे उपस्थितः।
पूर्वपदं लिखत।
मृगोऽब्रवीत् = ______ + अब्रवीत्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ...... | ...... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भगवतो वदनं धाम्ना राजते स्म।
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
वयं तु केवलं तस्य महाभागस्य नामधेयं जानीमः। (वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
वयं महाभागस्य नामधेयं जानीमः। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| महात्मा | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| हस्तस्थम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परागकणाः | ..... | ..... |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| दा (३ उ.) | यच्छति | लट् | ______ | ददाते | ददते |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
पत्रक्रीडायां मग्रः आसम् अहम्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार। (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सद्गुणसम्पत्तिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| खगोत्तमः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वैद्यः प्राणान् हरति। (वाक्यं लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम्।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | ज्ञातः | ज्ञातवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| लिख् (६ प. प.) | लिखितः | ______ | लेखितव्यः | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| प्रच्छ्-पृच्छ् (६ प. प.) | ______ | पृष्टवान् | ______ | पृच्छन् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रामग्नः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| महाकाव्यम् | ...... | ...... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | अम्बूनि | प्रथमा |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नवसप्ततिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्रिचत्वारिंशत्
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
२३
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४४
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९३
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भल्लूकवेषधारी | ..... | ..... |
लकारं लिखत।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि। = ......
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
